कर्नाटक

जंगल में हिरण का शिकार राइफल और मांस बरामद

Kavita2
3 Sept 2026 2:49 PM IST
जंगल में हिरण का शिकार राइफल और मांस बरामद
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चामराजनगर। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक स्थित जंगल क्षेत्र में अवैध शिकार का एक गंभीर मामला सामने आया है। माले महादेश्वरा वन्यजीव अभयारण्य के हनूर जोन में पानी पीने आए एक हिरण को कथित तौर पर राइफल से गोली मारकर शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके से हिरण का मांस और राइफल बरामद की है, जबकि संदिग्ध शिकारी घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इसी जंगल क्षेत्र में हाल ही में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा तीन लोगों की मौत वाली गोलीबारी की घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। इसके बाद उसी इलाके में अवैध शिकार का मामला सामने आने से वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना माले महादेश्वरा वन्यजीव अभयारण्य के हनूर जोन में उदुथोरेहल्ला जलाशय के बैकवॉटर इलाके की है। बताया जा रहा है कि कुछ शिकारी पानी पीने आए हिरण को निशाना बनाकर उसका शिकार करने पहुंचे थे।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर की रात वनकर्मी इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें चार संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। संदिग्धों के पास सिर पर रखे बैग और राइफलें थीं। वनकर्मियों को देखकर सभी संदिग्ध घबरा गए और मौके से भागने लगे।

वन विभाग की टीम ने जब उनका पीछा करने का प्रयास किया तो आरोपी जंगल की ओर भाग गए। भागते समय वे हिरण के मांस से भरा बैग और राइफलें वहीं छोड़ गए।

इसके बाद वन अधिकारियों ने मौके की तलाशी ली। जांच के दौरान बैग से हिरण का मांस बरामद हुआ, जिसे तीन हिस्सों में काटा गया था। वन विभाग ने मांस और हथियारों को जब्त कर लिया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरण को राइफल से गोली मारकर मारा गया था। हालांकि वन विभाग इस मामले में आगे की जांच कर रहा है ताकि शिकारियों की पहचान और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

वन अधिकारियों ने बताया कि जंगल क्षेत्र में अवैध शिकार रोकने के लिए लगातार गश्त की जाती है। रात के समय भी टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखती हैं। इसी गश्त के दौरान यह मामला सामने आया।

माले महादेश्वरा वन्यजीव अभयारण्य जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां कई प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे में किसी संरक्षित वन्यजीव का शिकार वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।

वन विभाग अब जब्त की गई राइफल और अन्य सामान की जांच कर रहा है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही शिकारियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकेगा।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में अवैध शिकार से न केवल वन्यजीवों की संख्या प्रभावित होती है, बल्कि इससे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ता है। शिकारी अक्सर जंगली जानवरों को मांस और अवैध व्यापार के लिए निशाना बनाते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों से अपील की जा रही है कि वे वन्यजीवों के शिकार या अवैध गतिविधियों की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध शिकार करने वालों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

फिलहाल वन विभाग ने हिरण के मांस और हथियारों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार संदिग्धों की तलाश के लिए जंगल क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है।

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