
कर्नाटक : श्रीरंगपट्टनम तालुक में ऐतिहासिक कृष्णराज सागर (KRS) बांध के पास आयोजित होने वाले ‘कावेरी आरती’ कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन 11 अक्टूबर से शुरू होना था, लेकिन निर्धारित कार्यक्रमों में बदलाव के कारण अब इसे 18 से 23 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। नई समय-सारणी के अनुसार KRS बांध के पास लगातार छह दिनों तक कावेरी आरती का आयोजन होगा।
पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को 11 अक्टूबर को इस आयोजन का उद्घाटन करना था। हालांकि, उस दिन मुख्यमंत्री के पहले से तय अन्य कार्यक्रमों के कारण कावेरी आरती की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। अब 18 अक्टूबर से कार्यक्रम की शुरुआत होगी और 23 अक्टूबर तक लगातार धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
18 से 23 अक्टूबर तक होगी कावेरी आरती
नई तारीख के अनुसार KRS बांध के पास 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक प्रतिदिन कावेरी आरती आयोजित की जाएगी। आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और कावेरी सिंचाई निगम की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य कावेरी नदी के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। कावेरी को दक्षिण भारत की जीवनरेखा माना जाता है और कर्नाटक समेत कई क्षेत्रों में इसका सामाजिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व है। ऐसे में नदी की पूजा और आरती के जरिए लोगों को कावेरी के महत्व से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
आयोजन स्थल के रूप में KRS बांध के आसपास का क्षेत्र चुना गया है, जो ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। छह दिनों तक चलने वाली कावेरी आरती के दौरान यहां धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
गंगा आरती की तर्ज पर हुई थी शुरुआत
‘कावेरी आरती’ की शुरुआत पिछले साल उत्तर भारत में होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर की गई थी। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य दक्षिण भारत में कावेरी नदी के प्रति धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक सम्मान को एक बड़े सार्वजनिक आयोजन के रूप में सामने लाना था।
कावेरी को दक्षिण भारत की जीवनरेखा माने जाने के कारण नदी की पूजा का यह कार्यक्रम एक विशेष पहल के रूप में शुरू किया गया। इसमें नदी के प्रति आस्था के साथ-साथ उसके संरक्षण और महत्व को भी रेखांकित करने की कोशिश की गई।
इस कार्यक्रम की शुरुआत पिछले कार्यकाल में जल संसाधन मंत्री रहे डी.के. शिवकुमार ने की थी। अब मुख्यमंत्री के रूप में भी वह इस आयोजन से जुड़े हुए हैं और इस वर्ष प्रस्तावित कार्यक्रम के उद्घाटन की जिम्मेदारी उनके पास थी। हालांकि, पहले से निर्धारित अन्य कार्यक्रमों के कारण उद्घाटन की तारीख में बदलाव किया गया है।
कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा प्रशासन
कावेरी आरती की नई तारीख तय होने के बाद जिला प्रशासन और कावेरी सिंचाई निगम ने तैयारियों को आगे बढ़ा दिया है। कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन के सामने इस बार एक अतिरिक्त चुनौती पानी की उपलब्धता को लेकर भी है। इस वर्ष मॉनसून के दौरान अच्छी बारिश नहीं होने के कारण जल उपलब्धता को लेकर परिस्थितियां अनुकूल नहीं रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन उपलब्ध पानी के आधार पर कावेरी आरती आयोजित करने की व्यापक तैयारी कर रहा है।
आयोजन से जुड़े अधिकारियों का ध्यान कार्यक्रम की धार्मिक प्रकृति के साथ-साथ उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप व्यवस्थाएं करने पर है। कार्यक्रम की तैयारियों में पानी की स्थिति को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
कम बारिश के बीच आयोजन की तैयारी
कर्नाटक में इस वर्ष मॉनसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश होने का असर जल संसाधनों पर पड़ा है। ऐसे समय में कावेरी आरती जैसे कार्यक्रम के आयोजन को लेकर प्रशासन उपलब्ध पानी को ध्यान में रखते हुए योजना बना रहा है।
जिला प्रशासन और कावेरी सिंचाई निगम का प्रयास है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन तय कार्यक्रम के मुताबिक हो, लेकिन इसके लिए मौजूदा जल स्थिति का भी ध्यान रखा जाए। KRS बांध के पास आयोजन होने के कारण जल स्तर और उपलब्धता महत्वपूर्ण पहलू हैं।
इस परिस्थिति में प्रशासन की तैयारियां कार्यक्रम को व्यवस्थित और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप आयोजित करने पर केंद्रित हैं।
कावेरी के सांस्कृतिक महत्व को सामने लाने की पहल
कावेरी आरती को केवल धार्मिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि नदी के सांस्कृतिक महत्व से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दक्षिण भारत में कावेरी का कृषि, पेयजल और स्थानीय जीवन से गहरा संबंध है। ऐसे में नदी के प्रति लोगों की आस्था को एक सार्वजनिक आयोजन के माध्यम से अभिव्यक्त किया जा रहा है।
KRS बांध के पास आयोजन होने से इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह क्षेत्र कावेरी नदी और सिंचाई व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। छह दिनों तक चलने वाला कार्यक्रम स्थानीय लोगों के साथ-साथ आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
अब 18 अक्टूबर से शुरू होगा आयोजन
पहले 11 अक्टूबर से प्रस्तावित कावेरी आरती कार्यक्रम अब 18 अक्टूबर से शुरू होगा। 23 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में लगातार छह दिनों तक कावेरी की आरती की जाएगी।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पहले से तय कार्यक्रमों के कारण तारीख में बदलाव किया गया है। वहीं, जिला प्रशासन और कावेरी सिंचाई निगम उपलब्ध पानी को ध्यान में रखते हुए आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
पिछले साल गंगा आरती की तर्ज पर शुरू की गई कावेरी आरती को इस बार भी जारी रखा जा रहा है। कम बारिश और जल उपलब्धता की चुनौती के बावजूद प्रशासन का फोकस कार्यक्रम को तय नई तारीख के अनुसार आयोजित करने पर है। अब सभी की नजर 18 अक्टूबर से KRS बांध के पास शुरू होने वाले इस छह दिवसीय धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन पर रहेगी।





