कर्नाटक

दक्षिण कन्नड़ में भारी बारिश से दर्पण तीर्थ नदी उफनी, आदि सुब्रह्मण्य मंदिर परिसर में भरा पानी

Kavita2
26 Aug 2026 10:00 AM IST
दक्षिण कन्नड़ में भारी बारिश से दर्पण तीर्थ नदी उफनी, आदि सुब्रह्मण्य मंदिर परिसर में भरा पानी
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मंगलुरु। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। सुब्रह्मण्य और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण दर्पण तीर्थ नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी किनारों से बाहर निकलकर कुक्के सुब्रह्मण्य स्थित आदि सुब्रह्मण्य मंदिर परिसर में घुस गया, जिससे परिसर में जलभराव की स्थिति बन गई। भारी बारिश के चलते एक पुल भी पानी में डूब गया, जिससे इलाके में आवाजाही प्रभावित हुई।

मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सुब्रह्मण्य में 76.8 मिलीमीटर और सुलिया में 77 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों से पता चलता है कि जिले के इन क्षेत्रों में बारिश काफी तेज रही। खासतौर पर सुब्रह्मण्य क्षेत्र में डेढ़ घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश ने हालात को तेजी से बदल दिया। लगातार बारिश के कारण नदी और स्थानीय जलधाराओं में पानी का स्तर बढ़ता गया और दर्पण तीर्थ नदी उफान पर पहुंच गई।

बारिश की तीव्रता बढ़ने के साथ दर्पण तीर्थ नदी का पानी तेजी से बढ़ा। कुछ ही समय में नदी का पानी अपने किनारों से बाहर बहने लगा और आसपास के निचले क्षेत्रों की ओर फैल गया। इसी दौरान पानी आदि सुब्रह्मण्य मंदिर परिसर तक पहुंच गया। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मंदिर परिसर में पानी भरने के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मंदिर परिसर में पानी पहुंचने की स्थिति भारी बारिश की तीव्रता को दर्शाती है। आम तौर पर नदी के आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ता है, लेकिन कम समय में हुई तेज बारिश से पानी तेजी से बाहर आने लगा। नदी का बहाव बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ानी पड़ी।

दक्षिण कन्नड़ जिले में मानसून के दौरान भारी बारिश होती है और जिले के कई हिस्से पहाड़ी एवं नदी-नालों से घिरे हुए हैं। ऐसे इलाकों में कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। मंगलवार को सुब्रह्मण्य में हुई बारिश ने इसी तरह की स्थिति पैदा कर दी। 76.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के साथ ही दर्पण तीर्थ नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा और नदी का पानी आसपास फैलने लगा।

भारी बारिश के कारण एक पुल के पानी में डूबने की भी जानकारी सामने आई। पुल के जलमग्न होने के बाद उस पर से आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए ऐसे रास्तों पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया, जहां पानी का बहाव तेज था। बारिश जारी रहने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की आशंका के चलते लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत रही।

दर्पण तीर्थ नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंचने से मंदिर प्रशासन के सामने भी चुनौती पैदा हुई। आदि सुब्रह्मण्य मंदिर धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां नियमित रूप से श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में परिसर में पानी भरने से श्रद्धालुओं की आवाजाही और सामान्य गतिविधियां प्रभावित होना स्वाभाविक है। भारी बारिश के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी हो जाता है।

बारिश के चलते क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा। जब नदी का जलस्तर सामान्य सीमा से ऊपर पहुंचता है और पानी किनारों से बाहर निकलता है, तो आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति तेजी से बन सकती है। मंगलवार को भी यही स्थिति देखने को मिली। मंदिर परिसर में पानी पहुंचना इसका स्पष्ट उदाहरण रहा।

स्थानीय स्तर पर नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत बनी रही। पुल के डूब जाने के बाद वहां से गुजरने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो गई। तेज बहाव वाले पानी में पैदल या वाहन से निकलने की कोशिश खतरनाक हो सकती है। ऐसे में जलस्तर कम होने और मार्ग सुरक्षित होने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।

सुलिया में भी पिछले 24 घंटे के दौरान 77 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि दक्षिण कन्नड़ के कई हिस्सों में मंगलवार को बारिश का प्रभाव व्यापक रहा। हालांकि, सुब्रह्मण्य क्षेत्र में तेज बारिश के बाद दर्पण तीर्थ नदी में अचानक आए उफान ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया।

मौसम की इस स्थिति ने दक्षिण कन्नड़ में मानसून के दौरान नदी किनारे और निचले इलाकों में सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेष रूप से धार्मिक स्थलों और पर्यटन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। नदी के बढ़ते जलस्तर की स्थिति में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

तेज बारिश के कारण मंगलवार को सुब्रह्मण्य क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। सड़कों पर पानी और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण लोगों को आवाजाही में कठिनाई हुई। वहीं पुल के डूबने से स्थानीय संपर्क भी प्रभावित हुआ। बारिश की स्थिति सामान्य होने और नदी का जलस्तर घटने के बाद ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद की जा सकती है।

कुल मिलाकर, मंगलवार को दक्षिण कन्नड़ में हुई भारी बारिश ने सुब्रह्मण्य क्षेत्र में असर दिखाया। पिछले 24 घंटों में सुब्रह्मण्य में 76.8 मिमी और सुलिया में 77 मिमी बारिश दर्ज की गई। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश के कारण दर्पण तीर्थ नदी उफान पर आ गई और उसका पानी आदि सुब्रह्मण्य मंदिर परिसर में घुस गया। इसके साथ ही एक पुल भी पानी में डूब गया। बारिश और नदी के जलस्तर पर स्थानीय स्तर पर निगरानी बनाए रखना जरूरी है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

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