
Karnataka कर्नाटक : पुलिस ने खेड़ा में एक खतरनाक एनजीओ का भंडाफोड़ किया है जो सामूहिक विवाह के नाम पर गरीब युवतियों को पुरुषों को बेच रहा था।
जी हां.. पुलिस ने राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास एक खतरनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो सामूहिक विवाह के नाम पर गरीब परिवारों की युवतियों को पुरुषों को बेच रहा था।
इसके जरिए उन्होंने मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह कराने वाला एक एनजीओ 2.5 लाख से 5 लाख रुपये में युवतियों को बेच रहा था।यह मानव तस्करी का एक गिरोह था जो गरीब परिवारों की महिलाओं के सामूहिक विवाह कराने वाले एनजीओ की आड़ में चलाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि एनजीओ चलाने वाली महिला तस्करी करने वाले एजेंटों से गरीब परिवारों की लड़कियों को 'खरीदती' थी और उन्हें 2.5-5 लाख रुपये में दुल्हन की तलाश कर रहे युवकों को 'बेचती' थी।
जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर बस्सी के सुजानपुर गांव में एक फार्महाउस में गायत्री सर्व समाज प्रतिष्ठान ने अपना कार्यालय बनाया था। संगठन सामूहिक विवाह कराने का दावा करता था। अधिकारियों ने बताया कि एनजीओ का नेतृत्व गायत्री नाम की एक महिला करती थी, जो उससे शादी करने के इच्छुक युवकों को लड़कियों की तस्वीरें दिखाती थी और उनसे पैसे लेकर उन्हें बेच देती थी। गिरोह के सदस्य बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के गरीब परिवारों से लड़कियों को 'खरीदते' थे और उन्हें 'एनजीओ' की संचालिका गायत्री को सौंप देते थे। बस्सी थाने के प्रभारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि इसके बाद वह लड़कियों की तस्वीरें उन पुरुषों को दिखाती थी जो उसके संगठन में शादी करने के लिए आते थे और उनकी खूबसूरती के आधार पर उन्हें 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की कीमत पर बेच देती थी। लड़कियों के रंग, कद और उम्र के आधार पर 'कीमत' तय की जाती थी। गायत्री ने नाबालिगों के लिए फर्जी आधार कार्ड भी बनवाए ताकि वे 18 साल से अधिक उम्र के दिखें। उसने इस तरह से करीब 1,500 शादियां कराई हैं। उसने बताया कि उसके खिलाफ दस मामले दर्ज हैं।





