कर्नाटक

डंडीगनहल्ली रोड पर बिजली तारों से खतरा, स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग

Kavita2
11 May 2026 11:59 AM IST
डंडीगनहल्ली रोड पर बिजली तारों से खतरा, स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग
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Karnataka कर्नाटक: डंडीगनहल्ली रोड के आसपास के इलाके में बिजली के तारों की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। यहां खंभों से होकर गुजर रही बिजली की लाइनें कई जगहों पर निचले स्तर पर और असुरक्षित स्थिति में बताई जा रही हैं, जिससे संभावित दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, अगर तेज हवा या तूफानी मौसम में ये बिजली के तार आपस में टकराकर टूटते हैं, तो उनके पास स्थित अंगूर के बाग में गिरने की आशंका है। इससे न केवल फसलों को नुकसान हो सकता है, बल्कि बड़ा जानमाल का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।

चिंता का एक बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि यदि ये टूटे हुए तार बाग में लगे लोहे के सरियों या अन्य धातु संरचनाओं के संपर्क में आते हैं, तो बिजली का प्रवाह (कंडक्शन) हो सकता है। ऐसी स्थिति में किसी भी व्यक्ति के वहां मौजूद होने पर गंभीर दुर्घटना या जानलेवा खतरा पैदा हो सकता है।

स्थानीय निवासी प्रकाश ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए बिजली आपूर्ति विभाग BESCOM से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि विभाग को इस क्षेत्र में बिजली लाइनों का निरीक्षण कर उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर स्थापित करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।

प्रकाश के अनुसार, यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब मौसम परिवर्तन और तेज हवाओं के कारण खतरे की संभावना और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इसे केवल सामान्य शिकायत न मानकर एक सुरक्षा मुद्दे के रूप में देखा जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने बिजली विभाग से नियमित जांच और मेंटेनेंस की भी मांग की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, खुले और नीचे लटके बिजली के तार विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों और बागानों के पास बेहद खतरनाक हो सकते हैं। ऐसे इलाकों में सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होता है ताकि बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल स्थानीय लोग विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में रहने वाले लोगों और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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