कर्नाटक
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ सड़क पर उतरे दलित संगठन
Ratna Netam
17 Oct 2026 2:20 PM IST

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मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ दलित, प्रगतिशील और श्रमिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को लेकर कुमारस्वामी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। शनिवार को मांड्या शहर के संजय सर्कल में बड़ी संख्या में एकत्रित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने की मांग की।प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
पुराने बेंगलुरु-मैसूर राजमार्ग पर प्रदर्शन, बनाई मानव श्रृंखला
विरोध प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता संजय सर्कल पर एकत्रित हुए और पुराने बेंगलुरु-मैसूर राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनके हाथों में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पोस्टर थे और वे उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे।प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीतिक विरोध के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमारस्वामी की टिप्पणियों से दलित समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री की भाषा पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी जैसे वरिष्ठ नेता से राजनीतिक संवाद में संयम और गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। उनका कहना था कि बड़े राजनीतिक परिवार से आने वाले और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले व्यक्ति को अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।आंदोलनकारियों ने कुमारस्वामी पर दलित-विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी दलित नेता को व्यक्तिगत रूप से अपमानित करना गलत है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय मंत्री अपने कथित बयानों पर स्पष्टीकरण दें और भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचें।
प्रियांक खड़गे के समर्थन में उतरे विभिन्न संगठन
विरोध प्रदर्शन में शामिल दलित और प्रगतिशील संगठनों के प्रतिनिधियों ने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के कार्यों की सराहना की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खड़गे ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और उन्हें लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि किसी मंत्री की नीतियों और फैसलों की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आलोचना का आधार तथ्यों और प्रशासनिक कार्यों को बनाया जाना चाहिए। व्यक्तिगत अपमान की बजाय राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
पूरे कर्नाटक में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रियांक खड़गे के खिलाफ इस तरह की कथित टिप्पणियां जारी रहीं, तो विरोध प्रदर्शन को मांड्या तक सीमित नहीं रखा जाएगा। संगठनों ने पूरे कर्नाटक में व्यापक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे सामाजिक सम्मान और समानता के मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से जिम्मेदार बयान देने और समाज में अनावश्यक टकराव पैदा करने वाली भाषा से बचने की अपील की।
कर्नाटक में राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बढ़ा विवाद
इस बीच कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी और प्रियांक खड़गे के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े विवाद में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की आलोचना की है। कुमारस्वामी ने जांच और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि खड़गे ने उनके आरोपों पर पलटवार किया है।मांड्या में हुए प्रदर्शन के बाद यह विवाद राजनीतिक स्तर के साथ-साथ सामाजिक संगठनों के विरोध का भी विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने विरोध को जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।
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