
बेंगलुरु : वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन प्रोसेस के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख में अभी करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन कर्नाटक के कई इलाकों में वोटर फैसिलिटेशन सेंटर (VFC) पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। मतदाता 2002 की वोटर लिस्ट की जानकारी जुटाने, फॉर्म भरने और उसे सही तरीके से जमा करने के लिए घंटों कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करने के लिए कहा गया है। इसी के चलते बड़ी संख्या में लोग वोटर सहायता केंद्रों का रुख कर रहे हैं। खासकर बुजुर्ग मतदाताओं और ऐसे लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें ऑनलाइन या फॉर्म भरने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।
कई क्षेत्रों से शिकायतें सामने आई हैं कि पोलिंग बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं को पर्याप्त सहायता नहीं दे रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ BLO या तो जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं या फिर समय की कमी के कारण उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं।
हेग्गनहल्ली की रहने वाली बुजुर्ग महिला गौरम्मा ने बताया कि उन्हें फॉर्म भरने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। उन्होंने मदद के लिए BLO से संपर्क किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिली। इसके बाद उन्हें वार्ड कार्यालय स्थित वोटर असिस्टेंस सेंटर जाना पड़ा, जहां भी उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
गौरम्मा ने कहा कि वह कर्नाटक में रहती हैं, लेकिन फॉर्म भरने और प्रक्रिया को समझने में उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि सहायता केंद्र पहुंचने के बाद भी उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
इसी तरह, एक अन्य बुजुर्ग मतदाता सिद्धराजैया ने कहा कि 2002 की वोटर लिस्ट की जानकारी खोजना काफी भ्रमित करने वाला काम है। उन्होंने बताया कि उन्हें डर था कि किसी छोटी गलती की वजह से उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है। इसी चिंता के कारण वह जानकारी लेने के लिए सहायता केंद्र पहुंचे।
मतदाताओं का कहना है कि पुरानी वोटर लिस्ट में नाम और अन्य विवरण खोजने की प्रक्रिया आसान नहीं है। कई लोगों को यह समझने में दिक्कत आ रही है कि कौन से दस्तावेज जरूरी हैं और फॉर्म में कौन-कौन सी जानकारी भरनी है।
VFC पर बढ़ती भीड़ के कारण कर्मचारियों पर भी दबाव बढ़ गया है। एक ही समय में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से प्रक्रिया धीमी हो रही है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वोटर फैसिलिटेशन सेंटर बनाए गए हैं, जहां लोग अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम समय तक इंतजार न करें और समय रहते अपने फॉर्म जमा करें।
अधिकारियों के अनुसार, BLO को भी मतदाताओं की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी मतदाता को परेशानी हो रही है तो वह संबंधित चुनाव अधिकारी या सहायता केंद्र में शिकायत दर्ज करा सकता है।
स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अधिक सटीक और अपडेट करना है। इसके तहत नए मतदाताओं को जोड़ने, गलतियों को सुधारने और पुराने रिकॉर्ड को सत्यापित करने का काम किया जा रहा है।
हालांकि, प्रक्रिया के दौरान लोगों की बढ़ती भीड़ और जानकारी की कमी ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। खासकर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे मतदाता इस प्रक्रिया में ज्यादा परेशानी महसूस कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वोटर लिस्ट से जुड़े किसी भी बदलाव में लोगों को सही जानकारी और समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। यदि मतदाताओं को प्रक्रिया समझने में परेशानी होगी तो गलतियां होने की संभावना बढ़ सकती है।
प्रशासन की ओर से अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी ताकि VFC पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को आसानी से सहायता मिल सके।
फिलहाल, एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही वोटर सहायता केंद्रों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मतदाता जल्द से जल्द अपनी जानकारी सत्यापित कर फॉर्म जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनका नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रह सके।





