कर्नाटक

हम्पी में अवैध होमस्टे पर शिकंजा, 54 अफसरों को लोकायुक्त नोटिस

Kavita2
7 Aug 2026 2:26 PM IST
हम्पी में अवैध होमस्टे पर शिकंजा, 54 अफसरों को लोकायुक्त नोटिस
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बेंगलुरु/हम्पी। कर्नाटक के ऐतिहासिक हम्पी विश्व धरोहर क्षेत्र में कथित रूप से चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और बिना अनुमति होमस्टे संचालन के मामले में लोकायुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए 54 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और उन्हें 1 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

हम्पी, जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल किया गया है, के संरक्षण नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा है। नोटिस उन अधिकारियों को जारी किए गए हैं जिन पर संरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियों और होमस्टे संचालन को रोकने में लापरवाही बरतने का आरोप है।

जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें हम्पी वर्ल्ड हेरिटेज एरिया मैनेजमेंट अथॉरिटी (HWHAMA) के अधिकारी, सहायक आयुक्त, तहसीलदार, तालुक पंचायत के कार्यकारी अधिकारी और होस्पेट तथा कोप्पल क्षेत्र के पंचायत विकास अधिकारी शामिल हैं।

डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने बताया कि जांच के दौरान हम्पी वर्ल्ड हेरिटेज एरिया मैनेजमेंट अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले कोर जोन, बफर जोन और बाहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध होमस्टे संचालित होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में करीब 200 गैर-कानूनी होमस्टे चल रहे हैं।

इसके अलावा, हम्पी मंदिर के पास स्थित जनता कॉलोनी क्षेत्र में भी लगभग 250 अवैध होमस्टे होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त ने चिंता जताई है कि इस तरह की गतिविधियां विश्व धरोहर स्थल के संरक्षण और प्रबंधन नियमों को प्रभावित कर सकती हैं।

हम्पी अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक स्मारकों और विजयनगर साम्राज्य की विरासत के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आवास और अन्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ी है, लेकिन नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

डिप्टी लोकायुक्त को HWHAMA क्षेत्र और गंगावती नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर अवैध गतिविधियों से जुड़ी कई शिकायतें मिली हैं। इनमें कथित रूप से नशीले पदार्थों की समस्या और अवैध शराब बिक्री की शिकायतें भी शामिल हैं।

लोकायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से यह बताने को कहा है कि संरक्षित क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रही गतिविधियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अधिकारियों को अवैध होमस्टे, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य उल्लंघनों की स्थिति पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

माना जा रहा है कि लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद हम्पी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रशासनिक निगरानी और बढ़ सकती है। संरक्षण विशेषज्ञ लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि विश्व धरोहर स्थलों पर पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।

स्थानीय प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि पर्यटन से जुड़े रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ हम्पी की ऐतिहासिक पहचान और पुरातात्विक महत्व को सुरक्षित रखा जाए। नियमों के उल्लंघन से स्मारकों और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब संबंधित अधिकारियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। 1 सितंबर तक जमा होने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

जस्टिस बी. वीरप्पा ने स्पष्ट किया है कि विरासत स्थलों के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

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