
Karnataka कर्नाटक : कोविड प्रबंधन के लिए पीपीई किट समेत चिकित्सा उपकरणों की खरीद में घोटाले की जांच के लिए नियुक्त न्यायमूर्ति माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता वाले जांच आयोग ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपनी दूसरी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी।
रिपोर्ट सात खंडों में है और इसमें 1,808 पृष्ठ हैं। इसके चार खंडों में बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकार क्षेत्र में हुए घोटालों की जानकारी है। बीबीएमपी अधिकार क्षेत्र के बोम्मनहल्ली जोन, दक्षिण जोन, पश्चिम जोन और येलहंका जोन में हुए घोटालों से संबंधित विवरण अलग-अलग खंडों में हैं।
शेष तीन खंडों में बेंगलुरु शहरी जिला, ग्रामीण जिला और गडग और कोप्पल जिलों में हुए घोटालों की जानकारी है।
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश मौजूद थीं।
पहली अंतरिम रिपोर्ट में 1,500 पृष्ठ थे।
कोविड काल के दौरान मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु ने अधिकारियों की सिफारिशों को नजरअंदाज करके अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है। उन्होंने इससे निजी लाभ उठाया है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि भ्रष्टाचार नियंत्रण अधिनियम के तहत उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और जांच की जाए।





