
Karnataka कर्नाटक: कोरोना महामारी के दौरान हुए ऑक्सीजन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आखिरकार राहत मिलने जा रही है। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने 21 पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मंगलवार को इन परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
यह घटना सीमावर्ती जिले चामराजनगर में कोरोना काल के दौरान हुई थी, जहां ऑक्सीजन की कमी के चलते 36 मरीजों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था और उस समय प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
हादसे के बाद से प्रभावित परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे। कई परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया था, क्योंकि कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद आय का कोई साधन नहीं बचा था। पिछले पांच वर्षों में इन परिवारों ने कठिन हालात में जीवन यापन किया।
इस हादसे में अपने पति को खोने वाली सौम्या की कहानी भी बेहद दर्दनाक रही है। उनके पति डोड्डैया की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई थी। पति के निधन के बाद सौम्या पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई और उन्होंने छोटे-मोटे काम करके अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।
सरकार की नौकरी की घोषणा के बाद सौम्या ने राहत और खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने परिवार के भविष्य को लेकर थोड़ी स्थिरता महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा शशांक इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहा है और यह नौकरी परिवार के लिए बड़ी मदद साबित होगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम उन परिवारों के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी का हिस्सा है, जिन्होंने महामारी के दौरान अपनों को खोया है। नियुक्ति प्रक्रिया के तहत चयनित 21 परिवारों को विभिन्न विभागों में नौकरी दी जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
यह फैसला लंबे समय से चल रही मांगों और संघर्षों के बाद आया है। पीड़ित परिवार लगातार न्याय और सहायता की मांग कर रहे थे। अब सरकार की ओर से मिली इस पहल को राहत के रूप में देखा जा रहा है।
चामराजनगर ऑक्सीजन हादसा कोरोना काल की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक माना जाता है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।





