कर्नाटक

मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के बयान पर विवाद

Kavita2
21 Sept 2026 5:57 PM IST
मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के बयान पर विवाद
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बेंगलुरु। कर्नाटक में मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के कथित रिश्वत संबंधी बयान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब यह मामला राज्यपाल तक पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने मंत्री के खिलाफ राज्यपाल से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है।

दिनेश कल्लाहल्ली ने ईमेल के माध्यम से राज्यपाल को शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मंत्री का बयान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला है और इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

मंत्री के बयान पर उठे सवाल

मामला सकलेशपुर प्रजा सेवा आंदोलन की बैठक से जुड़ा है। इस दौरान मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

बताया जा रहा है कि मंत्री ने रिश्वतखोरी से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों के सम्मान की बात कही थी। उनके कथित बयान “अधिकारियों का सम्मान करना आपका कर्तव्य है” को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं।

आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर गलत संदेश दे सकते हैं।

राज्यपाल से जांच की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने अपनी शिकायत में मांग की है कि मंत्री के बयान की जांच कराई जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करने वाला है। शिकायत में संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

उन्होंने अधिनियम की धारा 7, 8 और 12 के तहत मामले की जांच की मांग की है। इन धाराओं का संबंध रिश्वत लेने, देने और रिश्वतखोरी के लिए उकसाने जैसे मामलों से है।

मंत्री को पद से हटाने की मांग

दिनेश कल्लाहल्ली ने राज्यपाल से मंत्री शिवलिंगेगौड़ा को मंत्रिमंडल से हटाने की भी मांग की है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बयान सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं, इसलिए ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

राजनीतिक विवाद तेज

मंत्री के बयान को लेकर अब राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है।

वहीं, मंत्री शिवलिंगेगौड़ा की ओर से इस शिकायत और आरोपों पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे यह देखना होगा कि सरकार और मंत्री इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहस

कर्नाटक समेत देशभर में सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन अक्सर ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।

इस मामले में भी शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयान की जांच जरूरी है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल मामला राज्यपाल के पास शिकायत के रूप में पहुंच चुका है। अब शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।

यदि जांच शुरू होती है तो मंत्री के बयान, उसके संदर्भ और संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जाएगी। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक जांच या निर्णय का इंतजार है।

मंत्री शिवलिंगेगौड़ा के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब संवैधानिक स्तर तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

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