कर्नाटक

हनूर गोलीकांड पर बढ़ा विवाद, डीके शिवकुमार का तमिलनाडु को जवाब

Kavita2
18 Aug 2026 2:42 PM IST
हनूर गोलीकांड पर बढ़ा विवाद, डीके शिवकुमार का तमिलनाडु को जवाब
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बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर वन्यजीव अभयारण्य में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में तमिलनाडु के नेताओं की ओर से उच्च स्तरीय जांच और सीबीआई जांच की मांग के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी है।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि तमिलनाडु के नेताओं को कर्नाटक के प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक अपने क्षेत्र और प्रशासनिक अधिकारों की मर्यादा की रक्षा करेगा।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के नेताओं की ओर से की जा रही सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हर राज्य का अपना प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र होता है और एक राज्य को दूसरे राज्य के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

डीके शिवकुमार ने कहा कि तमिलनाडु को अपने राज्य के कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को खुद संभालना चाहिए। उन्होंने संघीय ढांचे का हवाला देते हुए कहा कि भारत में हर राज्य की अपनी जिम्मेदारियां और अधिकार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य को दूसरे राज्य के प्रशासन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे वह तमिलनाडु में कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते, वैसे ही तमिलनाडु के नेताओं को भी कर्नाटक के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

उनका यह बयान उस समय आया है जब मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में हनूर गोलीबारी की घटना को लेकर सभी दलों के नेताओं ने चिंता जताई और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

तमिलनाडु विधानसभा में सदस्यों ने कर्नाटक वन विभाग से जुड़ी गोलीबारी की घटना पर चर्चा की और आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। नेताओं ने मृतकों के परिवारों के लिए न्याय की मांग भी उठाई।

गौरतलब है कि 15 अगस्त को चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के पास कावेरी वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान एंथनी सैमी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में बताई गई है।

बताया गया कि वन विभाग की टीम ने कथित तौर पर शिकार की गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसी दौरान गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। वन विभाग का कहना है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी।

हालांकि, मृतकों के परिवार और कुछ संगठनों ने घटना पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, विपक्षी नेताओं ने भी घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं।

कर्नाटक सरकार की ओर से मामले की जांच जारी है। राज्य सरकार का कहना है कि घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में किसी अधिकारी की गलती सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद कर्नाटक और तमिलनाडु के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों राज्यों के बीच पहले भी कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में हनूर गोलीकांड को लेकर उठे सवालों ने एक बार फिर अंतरराज्यीय राजनीतिक बहस को बढ़ा दिया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में दोनों राज्यों के बीच समन्वय और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि विवाद को बढ़ने से रोका जा सके।

फिलहाल हनूर गोलीकांड मामले की जांच जारी है। कर्नाटक सरकार अपने रुख पर कायम है, जबकि तमिलनाडु के नेता घटना की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर और चर्चा में रह सकता है।

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