
बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपना अभियान तेज करने का फैसला किया है। इसके तहत 10 से 20 अक्टूबर तक राज्यभर में ब्लॉक स्तर पर पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। कांग्रेस का उद्देश्य मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाना और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखना है। KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने गुरुवार को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में पदयात्रा निकाली जाएगी और इसकी दूरी पांच किलोमीटर से अधिक नहीं होगी।
हरिप्रसाद के अनुसार, पदयात्राएं डॉ. भीमराव आंबेडकर या महात्मा गांधी की प्रतिमाओं से शुरू होंगी और संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय पर समाप्त होंगी। इन कार्यक्रमों में ब्लॉक स्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हिस्सा लेंगे। पदयात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान गाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने की भी घोषणा की गई है।
कांग्रेस का यह अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच शुरू हो रहा है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर पदयात्राएं
KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बताया कि कांग्रेस की पदयात्राएं 10 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेंगी। राज्य के अलग-अलग ब्लॉकों में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों की दूरी पांच किलोमीटर तक सीमित रखी जाएगी। पार्टी ने पदयात्राओं के लिए ऐसे स्थान निर्धारित करने की बात कही है, जहां से नेता संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच सकें।
पदयात्राएं आंबेडकर या गांधी की प्रतिमाओं से शुरू होंगी। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता संबंधित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय तक मार्च करेंगे। वहां प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मुलाकात कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी शिकायतें रखेगा।
हरिप्रसाद ने कहा कि इन पदयात्राओं में ब्लॉक स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान गाया जाएगा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया जाएगा। हालांकि, प्रत्येक जिले में कार्यक्रम के विस्तृत संचालन और प्रशासनिक अनुमति से जुड़ी जानकारी अलग-अलग स्तर पर स्पष्ट हो सकती है।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में ऐसी कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनकी जांच और स्पष्टीकरण जरूरी है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखना चाहती है।
मतदाता सूची किसी भी चुनाव की बुनियादी व्यवस्था होती है। इसमें नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रहने चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
हालांकि, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जा सकती है। कांग्रेस ने अपने अभियान के जरिए इन मुद्दों को ब्लॉक स्तर तक ले जाने और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करने की योजना बनाई है।
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बी.के. हरिप्रसाद ने बुधवार को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई की निंदा की।
हरिप्रसाद ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के लिए पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों को भेजा गया था। उन्होंने इस आरोप को गंभीर बताते हुए सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस की वर्दी में लोगों को भेजे जाने संबंधी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। कांग्रेस नेता के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका सरकार और संस्थाओं से जवाब मांगने की भी है।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की आशंका पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने के लिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना विरोध राज्य के ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है। पार्टी की योजना है कि पदयात्राओं के दौरान स्थानीय स्तर पर शिकायतें एकत्र की जाएं और उन्हें संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के सामने रखा जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात पर रहेगा जोर
10 से 20 अक्टूबर तक चलने वाली पदयात्राओं के दौरान संबंधित डिप्टी कमिश्नरों से मुलाकात अभियान का प्रमुख हिस्सा होगी। कांग्रेस के ब्लॉक स्तर के वरिष्ठ नेता अपनी शिकायतें और मांगें अधिकारियों के सामने रखेंगे। इस तरह पार्टी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर संवाद स्थापित करने की कोशिश करेगी।
फिलहाल, KPCC ने अभियान की तारीखों, पदयात्राओं की अधिकतम दूरी और कार्यक्रमों के प्रस्तावित स्वरूप की जानकारी दे दी है। अब राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में इन कार्यक्रमों के आयोजन पर नजर रहेगी। कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को लगातार उठाएगी। वहीं, आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित अभिलेखों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।





