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कर्नाटक में वोटर लिस्ट SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, राज्य स्तरीय समीक्षा की मांग

Kavita2
18 Sept 2026 10:30 AM IST
कर्नाटक में वोटर लिस्ट SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, राज्य स्तरीय समीक्षा की मांग
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बेंगलुरु। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारियों से इस पूरी प्रक्रिया की राज्य स्तर पर तत्काल समीक्षा कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि वोटरों की गिनती, मैपिंग और मतदाताओं को ‘शिफ्टेड’ यानी स्थान बदलने वाले के रूप में वर्गीकृत करने की प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

KPCC के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन रमेश बाबू ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र 153 के पार्ट नंबर 512 से जुड़ी कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया है। कांग्रेस का कहना है कि इस क्षेत्र में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान कुछ गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना है, लेकिन प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से न हटे। पार्टी ने मांग की है कि शिकायतों की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं।

KPCC ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं की स्थिति तय करने में जल्दबाजी की गई है। पार्टी का कहना है कि किसी व्यक्ति को ‘शिफ्टेड’ घोषित करने से पहले पर्याप्त सत्यापन किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित न हों।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसके तहत पुराने रिकॉर्ड की जांच, नए मतदाताओं का नाम जोड़ना और गलत या अनुपयुक्त प्रविष्टियों को हटाना शामिल होता है। निर्वाचन आयोग समय-समय पर ऐसी प्रक्रियाएं चलाता है, ताकि मतदाता सूची को बेहतर बनाया जा सके।

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर समीक्षा की जाए। पार्टी का कहना है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

रमेश बाबू ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र 153 के पार्ट नंबर 512 से मिली शिकायतों के आधार पर यह जरूरी हो गया है कि अधिकारियों द्वारा दोबारा जांच की जाए। कांग्रेस का कहना है कि मतदाताओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

वहीं, निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान दावे और आपत्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके तहत लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

SIR प्रक्रिया के दौरान आमतौर पर मतदाताओं को अपने विवरण की पुष्टि करने और जरूरत पड़ने पर दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाता है। इसके बाद ही अंतिम सूची तैयार की जाती है।

कर्नाटक में मतदाता सूची को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब चुनावी तैयारियों के लिहाज से मतदाता डेटा को अपडेट करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाती है। राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि मतदाता सूची चुनावों की बुनियादी जरूरत होती है।

कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि मतदाता सूची में बदलाव से प्रभावित लोगों को पर्याप्त जानकारी और अवसर दिया जाए। पार्टी का कहना है कि पारदर्शी प्रक्रिया से ही मतदाताओं का भरोसा कायम रह सकता है।

फिलहाल KPCC की शिकायत के बाद अब नजर निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई पर है। यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित क्षेत्रों में सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

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