
x
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के टुकामुरु में कांग्रेस MLC यथिंद्र सिद्धरामैया ने RSS पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह संगठन सांस्कृतिक नहीं बल्कि राजनीतिक संगठन है। उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि कोई भी संस्था सार्वजनिक संपत्ति, स्कूल और कॉलेज में अपने कार्यक्रम संचालित नहीं कर सकती, और केवल RSS इस तरह की गतिविधियां कर रही है। सिद्धरामैया ने कहा, "खारगे सर ने जो पत्र लिखा है वह न्यायसंगत और उचित है। हम किसी भी संस्था को यह अनुमति नहीं दे सकते कि वह सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग करके अपने कार्य करें। यदि किसी अन्य संस्था को ऐसा करना है तो उन्हें संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। लेकिन केवल RSS सभी गतिविधियां कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि RSS को सांस्कृतिक संगठन के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन वास्तव में यह एक राजनीतिक संगठन है। सिद्धरामैया ने कहा कि उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि RSS के कार्यक्रम शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों में आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अन्य संस्थाओं के लिए असमान स्थिति पैदा हो रही है। सिद्धरामैया ने यह भी कहा कि किसी भी संस्था को अनुमति के बिना स्कूलों और कॉलेजों में गतिविधियां संचालित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि खारगे सर का पत्र इस दिशा में सतर्कता और उचित कदम है। कांग्रेस नेता ने RSS की गतिविधियों पर ध्यान खींचते हुए कहा कि राजनीतिक संगठनों को शिक्षा संस्थानों और सार्वजनिक संपत्ति में अपनी पहुंच का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य संस्थाएं नियमों का पालन करती हैं, जबकि RSS लगातार इन नियमों की अनदेखी कर रहा है।
सिद्धरामैया ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी का दृष्टिकोण है कि सभी संस्थाओं को समान अवसर और नियमों के अंतर्गत काम करने का अधिकार होना चाहिए। किसी विशेष संस्था को नियमों से अलग स्थान नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल शैक्षणिक या सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक न्याय का भी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि किसी संस्था को स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है तो उन्हें स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी गतिविधियां सुरक्षित, कानूनी और सार्वजनिक हित के अनुकूल हों। सिद्धरामैया ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से शिक्षण संस्थानों में निष्पक्षता और स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो यह सामाजिक और राजनीतिक तनाव पैदा कर सकता है।
कांग्रेस MLC ने कहा, "हमारे देश में सभी संस्थाएं समान नियमों का पालन करें। किसी को विशेष अधिकार या राजनीतिक लाभ नहीं मिलना चाहिए। RSS के गतिविधियों को इस नजरिए से देखा जाना चाहिए और इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ गई है कि शिक्षा और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग के मुद्दे पर राजनीतिक संगठनों की भूमिका और अधिकार पर विवाद बढ़ सकता है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह मुद्दा केवल RSS तक सीमित नहीं है बल्कि सभी संस्थाओं के लिए समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का है। इस प्रकार, यथिंद्र सिद्धरामैया का बयान सार्वजनिक संपत्ति और शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों के मुद्दे को उजागर करता है और सवाल उठाता है कि क्या किसी संस्था को नियमों से अलग विशेषाधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए और किसी भी राजनीतिक संगठन को अनुचित लाभ या पहुंच नहीं मिलनी चाहिए।
Tagsकर्नाटकटुकामुरुकांग्रेसMLC यथिंद्र सिद्धरामैयाRSSखारगेसार्वजनिक संपत्तिस्कूलकॉलेजराजनीतिक संगठनसंस्कृतिअनुमतिअनुमतिKarnatakaTukamuruCongressMLC Yathindra SiddaramaiahKhargePublic PropertySchoolCollegePolitical OrganizationCulturePermissionKarnatakaजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





