
बेंगलुरु: कांग्रेस MLC एस. रवि ने गुरुवार को दूध की कीमत में 12 से 15 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की। उन्होंने इसके लिए उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और सूखे के हालात में डेयरी किसानों को हो रही दिक्कतों का हवाला दिया। सूखे और किसानों के मुद्दों पर चर्चा के दौरान रवि ने कहा कि एक लीटर दूध के उत्पादन की लागत बढ़कर 42.20 रुपये हो गई है, जबकि दूध उत्पादकों को सहकारी समितियों के ज़रिए प्रति लीटर सिर्फ़ 35 रुपये मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वजह से किसानों को प्रति लीटर कम से कम 7.20 रुपये का नुकसान हो रहा है। रवि ने बताया कि बेसिक टोन्ड नंदिनी दूध की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर है, जबकि कर्नाटक में प्राइवेट दूध ब्रांड 56 रुपये प्रति लीटर तक दूध बेचते हैं।
उन्होंने कहा कि चारे की कमी ने किसानों पर बोझ और बढ़ा दिया है। किसानों को मवेशियों के बीमा और टीकाकरण का खर्च भी उठाना पड़ता है, जबकि पानी के प्राकृतिक स्रोतों की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रवि ने यह भी कहा कि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) राज्य सरकार की मंज़ूरी लिए बिना दूध की कीमतें बढ़ाने का फ़ैसला खुद ले सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार से सलाह लेने का चलन इसलिए जारी है क्योंकि सरकार फेडरेशन को समर्थन देती है।





