
Karnataka कर्नाटक: चुनाव आयोग (ECI) द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा के बाद कर्नाटक में वोटर लिस्ट अपडेट प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चाओं पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबुकुमार ने स्पष्टता दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत जारी किए जा रहे नोटिस का उद्देश्य किसी भी मतदाता का नाम हटाना नहीं है और न ही यह कोई कानूनी नोटिस है।
ECI के अनुसार, SIR का तीसरा चरण कर्नाटक समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि सभी योग्य नागरिकों के नाम सूची में शामिल हो सकें और किसी भी प्रकार की दोहरी प्रविष्टियों को रोका जा सके।
वी. अंबुकुमार ने प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया कि मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस केवल एक संचार माध्यम (कम्युनिकेशन मैकेनिज़्म) हैं, जिसके जरिए उनसे उनके विवरणों का सत्यापन कराया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में दर्ज जानकारी सही और अद्यतन हो।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना है, न कि किसी का नाम हटाना। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक पारदर्शी और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसे हर कुछ समय बाद चुनावी रिकॉर्ड को सही करने के लिए अपनाया जाता है।
CEO ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी नागरिक का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है, तो उसे सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में रहे। इससे डुप्लीकेट एंट्री की समस्या को खत्म किया जा सकेगा और चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
अधिकारियों के अनुसार, SIR प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और ऑनलाइन डेटा मिलान जैसे कई चरण शामिल होते हैं। यह पूरी कवायद मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए की जाती है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना कम हो सके।
चुनाव आयोग ने भी पहले कहा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को मजबूत बनाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाना है। इसमें किसी भी पात्र नागरिक को बाहर रखने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि सभी योग्य मतदाताओं को शामिल करना प्राथमिक लक्ष्य है।
कर्नाटक में इस स्पष्टीकरण के बाद मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया को लेकर फैली गलतफहमियों में कमी आने की उम्मीद है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें और समय पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराएं।





