
Karnataka कर्नाटक: बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि बिदादी क्षेत्र के किसानों को गुमराह किया जा रहा है और इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है।
डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को कैबिनेट बैठक के बाद विधान सौधा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को लेकर सरकार स्पष्ट नीति के साथ काम कर रही है और किसी भी तरह की गलत जानकारी फैलाना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कुमारस्वामी स्वयं इस प्रोजेक्ट के जनक नहीं हैं, और उन्होंने पहले भी इस बात को स्वीकार किया है।
एच.डी. कुमारस्वामी के बयान का हवाला देते हुए शिवकुमार ने कहा कि पहले यह प्रस्ताव था कि किसानों को विकसित भूमि का 40 प्रतिशत हिस्सा मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों के हित में इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को प्रति एकड़ 2.50 करोड़ रुपये मुआवजा देने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उचित और पारदर्शी तरीके से मुआवजा मिले और किसी प्रकार का नुकसान न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिदादी क्षेत्र के किसानों के साथ सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार कर रही है और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट बैठक के दौरान बिदादी टाउनशिप मुद्दे पर चर्चा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार पहले से तय नीति के अनुसार काम कर रही है और इसमें कोई भ्रम की स्थिति नहीं है।
बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना लंबे समय से चर्चा में है और इसे लेकर स्थानीय किसानों और प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
सरकार का कहना है कि विकास परियोजना के साथ-साथ किसानों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि किसी भी पक्ष को नुकसान न हो।
कुल मिलाकर, बिदादी टाउनशिप को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि सरकार दावा कर रही है कि वह किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय ले रही है।





