
मंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शनिवार को मंगलुरु दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने शहर के गांधी स्क्वायर कैफे में नाश्ता किया और वहां मौजूद युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बातचीत की। बातचीत के दौरान एक सवाल पर मुख्यमंत्री का मजेदार अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने मंगलुरु के प्रसिद्ध व्यंजन को लेकर अपनी पसंद बताई।
कार्यक्रम के दौरान एक युवती ने मुख्यमंत्री से पूछा कि मंगलुरु का खाना पूरी दुनिया में मशहूर है। अगर मंगलुरु की कोई एक डिश पूरे कर्नाटक में लोकप्रिय होनी चाहिए तो वह कौन सी होगी?
A morning in Namma Kudla began with young creators over a traditional Mangaluru breakfast at Gandhi Square Cafe, named in remembrance of Mahatma Gandhi’s visit to Mangaluru in 1934. pic.twitter.com/gRLAQPXGGv
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) September 18, 2026
इस सवाल पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुस्कुरा उठे और उन्होंने तुरंत जवाब दिया, "कानाए मछली, कानाए मछली के स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है।"
मुख्यमंत्री के इस जवाब पर वहां मौजूद युवा हंस पड़े और माहौल हल्का-फुल्का हो गया।
शाकाहारी होने की भी बताई बात
हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसके साथ यह भी कहा कि वह अब पूरी तरह शाकाहारी हो चुके हैं और काफी समय से उन्होंने मछली नहीं खाई है।
उन्होंने कहा कि पहले वह इस व्यंजन का स्वाद ले चुके हैं और मंगलुरु की कानाए मछली का स्वाद अलग पहचान रखता है।
युवाओं से संवाद करते नजर आए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह कार्यक्रम केवल नाश्ते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वहां मौजूद युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से बातचीत भी की।
इस दौरान युवाओं ने मंगलुरु की संस्कृति, खानपान और स्थानीय विशेषताओं को लेकर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सहज अंदाज में उनके सवालों के जवाब दिए।
मंगलुरु के खानपान की खास पहचान
मंगलुरु का खानपान कर्नाटक के तटीय क्षेत्र की पहचान माना जाता है। यहां के व्यंजनों में समुद्री भोजन, पारंपरिक मसालों और स्थानीय स्वाद का विशेष महत्व है।
कानाए मछली भी तटीय कर्नाटक के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल है। स्थानीय लोग इसे खास स्वाद और पारंपरिक तरीके से तैयार करने के लिए जानते हैं।
कैबिनेट बैठक के लिए पहुंचे थे मंगलुरु
डीके शिवकुमार शनिवार को मंगलुरु में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री का मंगलुरु दौरा प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और युवाओं से जुड़ने का अवसर भी बना।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया बयान
मुख्यमंत्री का कानाए मछली को लेकर दिया गया जवाब अब चर्चा में है। उनके इस सहज और मजाकिया अंदाज की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच इस तरह के हल्के-फुल्के पल अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं।
स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव पर जोर
मंगलुरु जैसे तटीय क्षेत्रों में खानपान और संस्कृति लोगों की पहचान का अहम हिस्सा है। मुख्यमंत्री के जवाब ने भी स्थानीय व्यंजन और क्षेत्रीय संस्कृति के महत्व को सामने रखा।
डीके शिवकुमार ने बातचीत के दौरान मंगलुरु के भोजन की तारीफ की और स्थानीय परंपराओं के प्रति अपना जुड़ाव दिखाया।





