
Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने रविवार को राज्य में पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की और कहा कि पांच साल से कम उम्र के सभी बच्चों को पोलियो का टीका लगाना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सदाशिवनगर स्थित अपने आवास पर इस टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यभर में पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू किया है और सभी माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह टीका अवश्य लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ परिवार से ही एक स्वस्थ राज्य और राष्ट्र का निर्माण संभव है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री यू. टी. खादर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मंत्री बहुत सक्रिय और समझदार हैं तथा उन्होंने इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री के आवास से करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत उनके घर पर इसलिए की गई क्योंकि उनकी पोती एक महीने की है और यह अभियान एक व्यक्तिगत और सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ कर्नाटक के निर्माण के लिए हर स्तर पर योजनाएं बनाई जा रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक अब स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां अन्य राज्यों से भी लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। इससे राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर लोगों का विश्वास बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी बच्चे को पोलियो जैसी बीमारी से बचाने में कोई कमी न रहे। इसके लिए टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण का निर्णय लिया है और इसका लाभ हजारों बच्चों तक पहुंचाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने भी भाग लिया और टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया।
इस अभियान को राज्य में जनस्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित करना है।





