
Karnataka कर्नाटक: केरल की 14 साल की नंदना, जो पलक्कड़ की रहने वाली है, ट्रेकिंग के लिए मुल्यानगरी आई थी, मंगलवार शाम अचानक लापता हो गई। नंदना अपने माता-पिता और करीब 40 सदस्यों के ग्रुप के साथ यात्रा पर थी। यह घटना चंद्रद्रोण माउंटेन रेंज के माणिक्यधारा वॉटरफॉल के पास हुई।
परिवार और ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि नंदना शाम लगभग 6 बजे टीम से अलग हो गई। शुरू में उन्हें लगा कि वह पास ही कहीं होगी, लेकिन समय बीतने के साथ चिंता बढ़ गई। स्थानीय लोग और अन्य टूरिस्ट रात 8 बजे तक तलाश में जुटे, लेकिन घने कोहरे और अंधेरे के कारण कोई सुराग नहीं मिला। क्षेत्र में खड़ी ढलानें और घने घास के मैदान होने की वजह से खोज कार्य में बाधा आई।
परिवार के इन्फॉर्म करने के बाद मौके पर पुलिस और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम पहुंची। रात भर सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह 4:30 बजे तक थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल कर लड़की की तलाश की गई, लेकिन नंदना का कोई पता नहीं चला।
डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) जीतेंद्र कुमार दयामा ने बताया कि डिजास्टर मैनेजमेंट टीम सुबह मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी संभावित रास्तों, जंगल के हिस्सों और पानी के पास क्षेत्रों की जांच की जा रही है।
सर्च ऑपरेशन में स्थानीय फॉरेस्ट गार्ड, पुलिस जवान और टीम के सदस्य शामिल हैं। DSP ने नागरिकों से अपील की कि वे खुद जाकर तलाश में शामिल न हों और सुरक्षा नियमों का पालन करें। उन्होंने बताया कि ड्रोन, थर्मल कैमरा और रैपिड रिस्पांस टीम का इस्तेमाल कर नंदना को जल्द से जल्द ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच, परिवार और ग्रुप के लोग बेहद चिंतित हैं। उन्होंने पुलिस और फॉरेस्ट टीम से लगातार संपर्क बनाए रखा। अधिकारी भी बताते हैं कि यह इलाका ट्रेकिंग के लिए लोकप्रिय है, लेकिन पहाड़ी ढलान और घने जंगल के कारण छोटे बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
DSP दयामा ने कहा कि नंदना की सुरक्षा के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम लगातार ऑपरेशन कर रही है और जैसे ही कोई सुराग मिलेगा, उसे तुरंत परिवार को सूचित किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने अन्य टूरिस्ट ग्रुप्स और पर्यटकों को भी सचेत किया कि वे किसी भी व्यक्ति के अकेले जाने की स्थिति में तत्काल अधिकारियों को सूचित करें।
इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में ट्रैकिंग के नियम और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।





