
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने मैसूर दशहरा 2026 को भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस साल के दशहरा समारोह में दक्षिण भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न देशों के राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा जाएगा।
मैसूर दशहरा समारोह की तैयारियों को लेकर गुरुवार को रेस कोर्स रोड स्थित शक्ति भवन में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था और अतिथियों के आमंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष का दशहरा समारोह पहले से अलग, आकर्षक और यादगार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैसूर दशहरा केवल एक राज्य स्तरीय उत्सव नहीं बल्कि कर्नाटक की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, इसलिए इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जाएं।
दक्षिण भारत की सांस्कृतिक भागीदारी पर जोर
बैठक में फैसला लिया गया कि दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के कला समूहों को मैसूर दशहरा में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इससे समारोह में देश के अलग-अलग हिस्सों की सांस्कृतिक विविधता देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रमों में नए प्रयोग किए जाएं और ऐसे आयोजन शामिल किए जाएं, जो पर्यटकों और आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें।
विदेशी मेहमानों को भी मिलेगा निमंत्रण
कर्नाटक सरकार इस बार मैसूर दशहरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत विभिन्न देशों के राजदूतों और अधिकारियों को भी आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का उद्देश्य है कि विदेशी मेहमानों के माध्यम से कर्नाटक की संस्कृति, परंपरा और पर्यटन को वैश्विक मंच पर पहचान मिले।
एयर शो और सैन्य दलों की भागीदारी पर चर्चा
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने केंद्रीय रक्षा मंत्री के साथ एयर शो आयोजित करने के मुद्दे पर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि दशहरा की झांकी और परेड में भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना की टीमों को शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सैन्य दलों की भागीदारी से समारोह और अधिक आकर्षक बनेगा और लोगों को देश की रक्षा क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
टिकट वाले दर्शकों की सुविधा पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दशहरा कार्यक्रमों के लिए टिकट लेने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ प्रबंधन, बैठने की सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
नए कार्यक्रमों से बढ़ेगा आकर्षण
बैठक में कई नए कार्यक्रमों को शामिल करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चित्रसंथे, फ्ली मार्केट, विंटेज कार रैली, रंगोली प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, कारोबारियों और युवाओं को भी मंच मिलेगा। सरकार का मानना है कि ऐसे आयोजन दशहरा उत्सव को और लोकप्रिय बनाएंगे।
रोजाना कार्यक्रमों की निगरानी के लिए मंत्री नियुक्त होंगे
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिला प्रभारी मंत्री के अलावा हर दिन के कार्यक्रमों की निगरानी के लिए एक अलग मंत्री को जिम्मेदारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी
मैसूर दशहरा कर्नाटक के सबसे बड़े पर्यटन आयोजनों में शामिल है। हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक इस समारोह में शामिल होने पहुंचते हैं।
सरकार इस बार आयोजन को और व्यापक बनाकर पर्यटन को बढ़ावा देना चाहती है। भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय अतिथि और आधुनिक व्यवस्थाओं के जरिए मैसूर दशहरा को नई पहचान देने की योजना है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की समीक्षा बैठक के बाद साफ है कि मैसूर दशहरा 2026 को भव्य बनाने के लिए कर्नाटक सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दक्षिण भारत के मुख्यमंत्रियों, विदेशी राजदूतों और सैन्य दलों की भागीदारी से इस बार का उत्सव पहले से ज्यादा आकर्षक और खास होने की उम्मीद है।





