
बेंगलुरु। श्री कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार को देखते हुए बेंगलुरु में शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को जानवरों के वध और मांस बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया गया है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी कर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी अधिकृत और अनधिकृत बूचड़खानों तथा मांस बिक्री वाली दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, जन्माष्टमी के धार्मिक महत्व को देखते हुए शहर में चिकन, मटन और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा किसी भी स्थान पर जानवरों को काटने की गतिविधि भी नहीं की जा सकेगी।
GBA की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि त्योहार के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध केवल मांस बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि बूचड़खानों में पशु वध की गतिविधियों पर भी लागू रहेगा। सभी लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को इस आदेश का पालन करना होगा।
बेंगलुरु में जन्माष्टमी को लेकर हर साल बड़ी संख्या में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा, भजन और अन्य आयोजन होते हैं। इसी को देखते हुए नगर प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
सर्कुलर के मुताबिक, चिकन, मटन और मछली बेचने वाली सभी दुकानों को एक दिन के लिए बंद रखना अनिवार्य होगा। यदि कोई दुकान आदेश का उल्लंघन करती हुई पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे निर्णय स्थानीय परिस्थितियों और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए लिए जाते हैं।
बेंगलुरु जैसे बड़े महानगर में लाखों लोग अलग-अलग समुदायों और परंपराओं के साथ रहते हैं। प्रशासन समय-समय पर विभिन्न धार्मिक अवसरों पर ऐसे प्रतिबंध लागू करता रहा है।
जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं।
GBA के अधिकारियों ने बताया कि आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित कर्मचारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रतिबंध का उल्लंघन न हो।
स्थानीय व्यापारियों को भी आदेश की जानकारी दी गई है। मांस विक्रेताओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित अवधि तक अपनी दुकानें बंद रखें।
इस फैसले के बाद शुक्रवार को बेंगलुरु में मांस बाजारों पर असर देखने को मिलेगा। आम दिनों में खुले रहने वाली चिकन, मटन और मछली की दुकानें बंद रहेंगी।
प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और धार्मिक आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराना है।
हालांकि, ऐसे प्रतिबंधों को लेकर समय-समय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। कुछ लोग इन्हें धार्मिक परंपराओं के सम्मान से जोड़ते हैं, जबकि कुछ लोग व्यापार और व्यक्तिगत पसंद से जुड़े मुद्दे उठाते हैं।
फिलहाल GBA का आदेश शुक्रवार 4 सितंबर 2026 के लिए लागू रहेगा। सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सहयोग करें और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।





