
Karnataka कर्नाटक: यह खबर कर्नाटक से है, जहाँ मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने आरोप लगाया है कि राज्य के कर्ज (borrowings) की सीमा केंद्र सरकार तय कर रही है, जिससे राज्यों की वित्तीय स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
क्या कहा CM ने?
सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना चाहती है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा तय की गई उधारी सीमा (borrowing limit) के कारण राज्य को वित्तीय निर्णय लेने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कब और कहाँ?
यह बयान उन्होंने अप्रैल 2026 में कर्नाटक में एक कार्यक्रम/प्रेस बयान के दौरान दिया।
क्यों उठाया मुद्दा?
CM का कहना है कि केंद्र द्वारा तय सीमाएं राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे (federal structure) के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को अपने संसाधनों और जरूरतों के अनुसार स्वतंत्र रूप से कर्ज लेने की अनुमति मिलनी चाहिए।
क्या असर पड़ेगा?
राज्य की विकास योजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ सकता है
केंद्र-राज्य संबंधों में राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है
वित्तीय नीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो सकती है
संक्षेप में:
CM सिद्धारमैया का यह बयान राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बनाम केंद्र के नियंत्रण के मुद्दे को फिर से चर्चा में लाता है, जो आने वाले समय में राजनीतिक और आर्थिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है।





