
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु दक्षिण जिला पुलिस ने कर्नाटक राष्ट्र समिति (KRS) के अध्यक्ष रवि कृष्ण रेड्डी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन किसानों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिन्होंने एक परियोजना के लिए अपनी जमीन देने पर सहमति जताई थी। यह मामला किसानों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस के अनुसार, यह FIR 8 जून को बिदादी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। यह शिकायत राजन्ना एच.सी. द्वारा दर्ज कराई गई, जो स्वयं उन किसानों में शामिल हैं जिन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रवि कृष्ण रेड्डी ने सार्वजनिक मंच या बयान के दौरान किसानों के खिलाफ ऐसी भाषा का उपयोग किया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि किसानों ने विकास परियोजना के हित में अपनी जमीन देने पर सहमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इस बयान को लेकर किसानों के बीच असंतोष और नाराजगी फैल गई, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित बयान तथा परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, मामले को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो मानहानि और सार्वजनिक रूप से अपमानजनक भाषा के उपयोग से संबंधित हैं।
इस घटना ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। KRS पार्टी और इसके अध्यक्ष रवि कृष्ण रेड्डी पहले भी अपने बयानों और आंदोलनों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब इस नए मामले के बाद राजनीतिक विरोधी दलों ने भी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है और इस मुद्दे को किसानों के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।
किसान संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी राजनीतिक नेता को किसानों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए, खासकर तब जब वे विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन देने पर सहमत हुए हों। उनका कहना है कि किसानों का सम्मान बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में कई विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और किसानों की सहमति तथा उनकी भावनाओं को लेकर लगातार बहस जारी है।
फिलहाल, रवि कृष्ण रेड्डी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





