कर्नाटक

बेंगलुरु में 9 करोड़ नकद ले जा रही कार पकड़ी

Kavita2
21 Aug 2026 1:40 PM IST
बेंगलुरु में 9 करोड़ नकद ले जा रही कार पकड़ी
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बेंगलुरु। बेंगलुरु पुलिस ने शहर के बाहरी इलाके में बड़ी मात्रा में नकदी ले जा रही एक कार को रोककर तलाशी ली। पुलिस के अनुसार, कार से करीब 9 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की सूचना है। यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली जानकारी के आधार पर की गई। मामले में कार में सवार दो लोगों से पूछताछ की जा रही है और नकदी के स्रोत तथा उसे ले जाने के उद्देश्य की जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले 18 अगस्त को आयकर विभाग की यूनिट-22 के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश की ओर से जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि पंजीकरण संख्या KL 20 T 8629 वाली हुंडई क्रेटा कार में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी अवैध तरीके से ले जाई जा रही है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने शुरू की निगरानी



आयकर विभाग से मिली सूचना के बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। जानकारी के मुताबिक कार बेंगलुरु से तमिलनाडु के होसुर की ओर जा रही थी। पुलिस ने संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ाई और वाहन की लोकेशन के आधार पर उसे रोकने की तैयारी की।

पुलिस को आशंका थी कि कार में भारी मात्रा में नकदी मौजूद हो सकती है। इसी वजह से इलेक्ट्रॉनिक सिटी क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी गई।

टोल प्लाजा पार करने के बाद रोकी कार

पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे हुंडई क्रेटा कार ने होसुर रोड स्थित इलेक्ट्रॉनिक सिटी एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पार किया। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस स्टेशन की बीट पुलिस ने सिग्नल के पास संदिग्ध कार को रोक लिया।

कार को रोकने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसमें सवार दोनों लोगों से पूछताछ की। इसके बाद वाहन और दोनों लोगों को इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां कार की विस्तृत तलाशी ली गई।

कार की तलाशी में मिली बड़ी रकम

पुलिस की तलाशी के दौरान कार में बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, बरामद रकम करीब 9 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।

अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे बेंगलुरु से होसुर क्यों ले जाया जा रहा था। नकदी के संबंध में दस्तावेज और अन्य प्रमाण मांगे जा रहे हैं।

नकदी के स्रोत की जांच

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद रकम वैध कारोबारी लेन-देन से जुड़ी है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी को एक वाहन के जरिए ले जाने के संबंध में आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि नकदी किसी व्यक्ति, कंपनी या कारोबारी प्रतिष्ठान से संबंधित है या नहीं। यदि रकम का संतोषजनक हिसाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

आयकर विभाग की सूचना के बाद कार्रवाई

इस पूरे मामले में आयकर विभाग की सूचना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग की यूनिट-22 के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश से मिली जानकारी के बाद ही पुलिस ने संदिग्ध वाहन को ट्रैक किया और कार्रवाई की।

पुलिस और आयकर विभाग के बीच आगे भी जानकारी साझा किए जाने की संभावना है। बरामद रकम की गिनती, सत्यापन और उसके स्रोत से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दो लोगों से पूछताछ

कार में सवार दोनों लोगों को पुलिस स्टेशन ले जाकर पूछताछ की गई। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वे रकम किसके लिए ले जा रहे थे और उन्हें इसे कहां पहुंचाना था।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों व्यक्ति नकदी के वास्तविक मालिक हैं या किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की ओर से इसे ले जा रहे थे। वाहन के दस्तावेजों और उसमें मौजूद अन्य सामान की भी जांच की जा रही है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। बरामद करीब 9 करोड़ रुपये की नकदी के संबंध में आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रकम वैध है या किसी गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ी हुई है।

बेंगलुरु जैसे बड़े कारोबारी और आर्थिक केंद्र में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी पकड़े जाने से मामला गंभीर हो गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी का नेटवर्क कहां तक फैला है और इसे बेंगलुरु से तमिलनाडु ले जाने की वजह क्या थी।

फिलहाल कार को पुलिस ने अपने कब्जे में रखा है और दोनों लोगों से पूछताछ जारी है। आयकर विभाग से मिली सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर नकदी के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल पर है।

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