
बेंगलुरु। बेंगलुरु यूनिवर्सिटी (BU) के ज्ञानभारती कैंपस में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। कैंपस के अंदर सड़क हादसे में विजुअल आर्ट्स विभाग की प्रथम वर्ष की छात्रा मानसा की मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने गांधी रोड को आम लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा और कैंपस में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
इस संबंध में शुक्रवार को बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सी. शिवराजू और दक्षिण-पश्चिम डिवीजन की पुलिस उपायुक्त (DCP) अनीता हद्दान्नावर के बीच बैठक हुई। बैठक में कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों की आवाजाही और सड़क पर बढ़ते यातायात से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
छात्रा की मौत के बाद बढ़ी चिंता
ज्ञानभारती कैंपस में हुए सड़क हादसे में प्रथम वर्ष की छात्रा मानसा की मौत ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने कैंपस के भीतर यातायात व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।
कैंपस में बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाजाही होती है। इसके अलावा गांधी रोड से आम लोगों और बाहरी वाहनों की आवाजाही भी होती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बाहरी यातायात के कारण परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जोखिम बढ़ रहा है।
इसी को देखते हुए गांधी रोड को आम जनता के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इस फैसले को लागू करने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य सरकार और BU सिंडिकेट से आवश्यक सलाह-मशविरा करेगा।
भारी ट्रैफिक और तेज रफ्तार पर चिंता
कुलपति प्रो. सी. शिवराजू ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन बेंगलुरु सिटी पुलिस के साथ मिलकर कैंपस में सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपाय लागू करेगा।
बैठक में कैंपस के अंदर भारी यातायात को प्रमुख समस्या के रूप में चिन्हित किया गया। अधिकारियों ने तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों, भारी वाहनों की आवाजाही और बिना अनुमति पार्किंग को लेकर भी चिंता जताई।
विश्वविद्यालय परिसर आम तौर पर छात्रों के लिए सुरक्षित और शांत वातावरण के रूप में देखा जाता है। लेकिन वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण कई हिस्सों में पैदल चलने वाले छात्रों और वाहन चालकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन का मानना है कि बाहरी वाहनों की आवाजाही सीमित करने से कैंपस में यातायात का दबाव कम किया जा सकता है और छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है।
आम लोगों की आवाजाही पर लगेगी रोक
विश्वविद्यालय गांधी रोड पर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य सरकार और BU सिंडिकेट के साथ चर्चा करेगा।
फैसले को लागू करने से पहले प्रशासन की ओर से सड़क के इस्तेमाल, वैकल्पिक मार्ग और कैंपस में आने-जाने की व्यवस्था जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि सड़क बंद होने के बाद छात्रों, कर्मचारियों और जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
गांधी रोड कैंपस के भीतर स्थित होने के कारण इसके बंद होने से बाहरी यातायात पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन को वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करनी होगी।
सुरक्षा के अन्य उपायों पर भी चर्चा
बैठक में सिर्फ गांधी रोड को बंद करने पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि कैंपस की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मुद्दे पर भी विचार किया गया।
भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना, तेज रफ्तार पर रोक लगाना और अनधिकृत पार्किंग को हटाना ऐसे कदमों में शामिल हैं, जिनसे कैंपस में दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। आने वाले दिनों में कैंपस के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थानों की पहचान की जा सकती है।
छात्रों की सुरक्षा बनेगी प्राथमिकता
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कैंपस में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा किसी भी अन्य सुविधा से अधिक महत्वपूर्ण है। खासतौर पर सड़क हादसे के बाद छात्रों और उनके परिवारों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
गांधी रोड को आम लोगों के लिए बंद करने का फैसला इसी चिंता को ध्यान में रखकर लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बाहरी यातायात कम होने से कैंपस में छात्रों के लिए पैदल चलना और एक शैक्षणिक भवन से दूसरे भवन तक जाना अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
सड़क सुरक्षा के अलावा कैंपस में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने की जरूरत महसूस की गई है। अनधिकृत पार्किंग के कारण कई बार सड़क का रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों के बीच जोखिम बढ़ सकता है।
पुलिस के साथ मिलकर होगा काम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेंगलुरु सिटी पुलिस के साथ मिलकर काम किया जाएगा। पुलिस की विशेषज्ञता का इस्तेमाल यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को लागू करने में किया जा सकता है।
कैंपस में वाहनों की गति को नियंत्रित करने, भारी वाहनों की आवाजाही सीमित करने और पार्किंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके अलावा जरूरत के अनुसार कैंपस के विभिन्न हिस्सों में यातायात संकेत, बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा उपाय लागू किए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार और सिंडिकेट से होगा विचार-विमर्श
गांधी रोड को पूरी तरह बंद करने का फैसला लागू करने से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य सरकार और BU सिंडिकेट के साथ चर्चा करेगा। इसके बाद आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विश्वविद्यालय के लिए यह भी जरूरी होगा कि सड़क बंद करने से किसी आवश्यक सेवा, आपातकालीन वाहन या कैंपस से जुड़े जरूरी आवागमन में बाधा न आए। इसलिए अंतिम व्यवस्था तैयार करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा सकते हैं।
हादसे के बाद लिया गया अहम कदम
ज्ञानभारती कैंपस में छात्रा मानसा की मौत के बाद लिया गया यह फैसला विश्वविद्यालय में सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब कैंपस को छात्रों के लिए अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
गांधी रोड पर आम लोगों की आवाजाही रोकने के साथ-साथ तेज रफ्तार, भारी वाहनों और अनधिकृत पार्किंग पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच समन्वय से इन उपायों को लागू करने की योजना है।
आने वाले दिनों में राज्य सरकार और विश्वविद्यालय सिंडिकेट के साथ चर्चा के बाद गांधी रोड को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से कैंपस के अंदर बाहरी यातायात का दबाव कम होगा और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।





