
Karnataka कर्नाटक : भाजपा-जदएस ने राज्य सरकार पर राज्य बजट पर चर्चा के लिए मात्र 15 दिन आवंटित करने पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की व्यापक मांगों की गहन जांच के लिए विस्तृत चर्चा की आवश्यकता है। बजट सत्र 3 मार्च से शुरू होगा और 7 मार्च को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विधानसभा में चालू वर्ष का राज्य बजट पेश करेंगे। सत्र के पहले दिन 3 मार्च को राज्यपाल थावर चंद गहलोत संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में तीन दिन तक बहस होगी। फिर 7 मार्च को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विधानसभा में इस वर्ष का बजट पेश करेंगे। बजट सत्र शनिवार और रविवार को छोड़कर 14 दिनों का होगा। बजट पर चर्चा के लिए मात्र 14 दिन ही बचे रहेंगे और भाजपा ने इस संदर्भ में तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि सरकार का विधानसभा सत्र सही तरीके से चलाने का कोई इरादा नहीं है। अकेले बेंगलूरु शहर को ही 2-3 दिन की चर्चा की जरूरत है। उन्होंने कहा, "बेलगाम और अन्य जिलों में काफी समस्याएं हैं। इसके लिए समय नहीं है। सरकार के पास विकास के लिए पैसे नहीं हैं। वे किस बारे में बात कर रहे हैं? यही कारण है कि सत्र के लिए अधिक दिन आवंटित नहीं किए गए हैं।"





