
कर्नाटक : दक्षिण कन्नड़ जिले में नदी में बह गए 48 वर्षीय व्यक्ति का शव सोमवार को बरामद कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान जीवन पिंटो के रूप में हुई है। वह शनिवार देर रात बंटवाल तालुक के राय इलाके के पास नदी में बह गए थे। घटना के बाद से ही उनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, जीवन पिंटो का शव सोमवार को संगबेट्टू इलाके के पास नदी में मिला। शव मिलने के बाद बचाव दल ने उसे नदी से बाहर निकाला और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात राय क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ था। बताया जा रहा है कि नदी के तेज बहाव के दौरान जीवन पिंटो उसमें बह गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हो गए थे। इसके बाद तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया गया।
दक्षिण कन्नड़ जिले में खराब मौसम के बावजूद बचाव कार्य लगातार जारी रखा गया। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारी और स्थानीय लोग पिछले दो दिनों से नदी और आसपास के क्षेत्रों में खोज अभियान चला रहे थे।
बचाव टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच नदी में तलाश करना आसान नहीं था। लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण अभियान में कई बाधाएं आईं, लेकिन टीमों ने हार नहीं मानी और संभावित स्थानों पर लगातार खोज जारी रखी।
स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नदी और आसपास के इलाकों की जानकारी होने के कारण उन्होंने बचाव दलों की मदद की। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने टीमों को नदी के बहाव और संभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी।
सोमवार को संगबेट्टू इलाके के पास शव मिलने के बाद अभियान को समाप्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शव को बाहर निकालने के बाद जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और परिवार को घटना की जानकारी दी गई।
जीवन पिंटो की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजन घटना के बाद से ही उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन दो दिन की तलाश के बाद शव मिलने से परिवार को गहरा सदमा लगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम और बारिश के दौरान नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
दक्षिण कन्नड़ जिले में मानसून के दौरान अक्सर भारी बारिश होती है। ऐसे में नदियों और जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ जाता है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और जोखिम वाले स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और बचाव एजेंसियों को सूचना देना बेहद जरूरी होता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल इसे नदी में बहने की घटना माना जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर बरसात के मौसम में नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दक्षिण कन्नड़ में इस घटना के बाद राहत और बचाव टीमों की भूमिका की भी सराहना की जा रही है। खराब मौसम के बावजूद लगातार दो दिनों तक चलाए गए अभियान के बाद शव बरामद किया गया, जिससे परिवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल सका।





