कर्नाटक

BMTC पर आर्थिक संकट का आरोप, सैलरी पर चिंता

Kavita2
28 Sept 2026 11:19 AM IST
BMTC पर आर्थिक संकट का आरोप, सैलरी पर चिंता
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बेंगलुरु: कर्नाटक में महिलाओं के लिए चल रही मुफ्त बस यात्रा योजना ‘शक्ति’ को लेकर अब परिवहन कर्मचारियों के बीच आर्थिक चिंता बढ़ गई है। KSRTC कर्मचारी संघ ने दावा किया है कि इस योजना के कारण बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है और इस महीने कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि BMTC लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके अलावा 1,000 से अधिक कर्मचारियों के ग्रेच्युटी भुगतान का मामला भी लंबित है।

कर्मचारियों की सैलरी को लेकर चिंता

KSRTC कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जगदीश एचआर ने रविवार को आरोप लगाया कि BMTC की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है, जिसके चलते कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर चिंता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि परिवहन निगम पर कई तरह के वित्तीय दबाव हैं और इसका असर कर्मचारियों से जुड़े भुगतान पर पड़ रहा है। हालांकि, इस संबंध में निगम की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

डीजल भुगतान का बकाया होने का दावा

जगदीश एचआर ने आरोप लगाया कि BMTC पर डीजल का करीब 650 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों ने परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों के इंश्योरेंस और प्रोविडेंट फंड के लिए तय राशि का इस्तेमाल अन्य जरूरतों में किया गया।

ग्रेच्युटी भुगतान लंबित होने का आरोप

कर्मचारी संघ ने दावा किया है कि 1,000 से अधिक कर्मचारियों का ग्रेच्युटी भुगतान वर्ष 2023 से ही लंबित है।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों के लंबे समय से जुड़े भुगतान समय पर नहीं होने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार और परिवहन निगम से कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

'शक्ति' योजना को लेकर उठाए सवाल

कर्मचारी संघ का कहना है कि राज्य सरकार की ‘शक्ति’ योजना के तहत महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

संघ का आरोप है कि योजना के तहत सरकार से मिलने वाली पूरी राशि का भुगतान समय पर नहीं होने से परिवहन निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

‘शक्ति’ योजना कर्नाटक सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।

बढ़ती लागत से बढ़ी परेशानी

कर्मचारी संघ ने कहा कि परिवहन निगम को एक ओर ईंधन की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बस संचालन से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि बस किराए में बढ़ोतरी के बावजूद आर्थिक संतुलन बनाना चुनौती बना हुआ है।

कर्मचारियों के हितों की मांग

KSRTC कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की सैलरी, ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड और अन्य सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए।

परिवहन व्यवस्था पर असर की चिंता

BMTC बेंगलुरु शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लाखों लोग रोजाना बसों से सफर करते हैं।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि निगम की आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर कर्मचारियों के साथ-साथ परिवहन सेवाओं पर भी पड़ सकता है।

सरकार और निगम के जवाब का इंतजार

फिलहाल कर्मचारी संघ के आरोपों पर सरकार और BMTC प्रबंधन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मामले को लेकर अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार परिवहन निगम की आर्थिक चुनौतियों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है।

‘शक्ति’ योजना को लेकर शुरू हुई यह बहस अब परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों के लंबित भुगतान तक पहुंच गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर आगे की कार्रवाई और चर्चा पर नजर बनी रहेगी।

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