कर्नाटक

हावेरी में ब्लैकमेलिंग केस, दंपति पर FIR

Kavita2
27 July 2026 4:54 PM IST
हावेरी में ब्लैकमेलिंग केस, दंपति पर FIR
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हावेरी : कर्नाटक के हावेरी जिले में एक महिला को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और जबरन यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का मामला सामने आया है। हावेरी CEN क्राइम पुलिस स्टेशन में एक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला को उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान हावेरी के बसवेश्वर नगर निवासी सचिन दानप्पनावर और उनकी पत्नी सुप्रिया सचिन दानप्पनावर के रूप में हुई है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 22 जुलाई को मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि 12 जुलाई की रात सचिन ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने उसकी कथित यौन मांगों को पूरा नहीं किया तो वह उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर देगा। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया और दबाव बनाने की कोशिश की।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के पति को भी एक अश्लील तस्वीर भेजी थी। आरोप है कि यह तस्वीर फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से भेजी गई। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किस तरह से महिला की निजी जानकारी हासिल की और उसका इस्तेमाल कथित रूप से धमकी देने के लिए किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए CEN क्राइम पुलिस ने जांच शुरू की। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस आमतौर पर मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा निजी तस्वीरों या वीडियो का गलत इस्तेमाल कर धमकी देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को डर या सामाजिक दबाव के कारण शिकायत दर्ज कराने में परेशानी होती है। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती है कि इस तरह की धमकियों से डरने के बजाय तुरंत कानूनी सहायता लें।

कानून के तहत किसी व्यक्ति की निजी जानकारी, तस्वीर या वीडियो का बिना अनुमति इस्तेमाल करना अपराध माना जाता है। खासकर जब इसका इस्तेमाल किसी को डराने, धमकाने या मजबूर करने के लिए किया जाए तो आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

हावेरी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ संवेदनशील तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

इस मामले में पुलिस पीड़िता के बयान, आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी है।

फिलहाल हावेरी CEN क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या पीड़िता की निजी सामग्री का कहीं और इस्तेमाल किया गया है।

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