
बेंगलुरु। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बेंगलुरु में आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन को लेकर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खड़गे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।
बन्नप्पा पार्क में हिंदू जागरण वेदिके की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बीएल संतोष ने तिरंगे और भगवा ध्वज फहराया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में आरएसएस के योगदान का उल्लेख किया।
आरएसएस रजिस्ट्रेशन विवाद पर बीएल संतोष का जवाब
कार्यक्रम के दौरान बीएल संतोष ने कहा कि देश के समर्थक और राष्ट्र के प्रति समर्पित लोग भारत के इतिहास और आरएसएस की भूमिका को जानते हैं।
उन्होंने कहा, “आरएसएस पंजीकृत नहीं है, यह नहीं करेगा, और हम जानते हैं कि पंजीकृत संगठन क्या कर रहे हैं।” उनके इस बयान को मंत्री प्रियंक खड़गे के उस बयान का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने आरएसएस के पंजीकरण को लेकर सवाल उठाए थे।
बीएल संतोष ने कहा कि किसी संगठन का योगदान केवल उसके पंजीकरण से तय नहीं होता, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए किए गए कार्यों से उसकी पहचान बनती है।
अखंड भारत संकल्प दिवस में लिया हिस्सा
हिंदू जागरण वेदिके की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अखंड भारत की अवधारणा और देश की एकता एवं अखंडता के संकल्प को दोहराना था।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज और भगवा ध्वज दोनों फहराए गए। इस दौरान देशभक्ति से जुड़े नारे भी लगाए गए।
स्वतंत्रता दिवस पर दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
बीएल संतोष ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आजादी देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है और हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और इतिहास को समझना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सामाजिक संगठनों की भूमिका का भी उल्लेख किया।
प्रियंक खड़गे के बयान पर सियासी बहस
आरएसएस के रजिस्ट्रेशन को लेकर दिए गए बयानों के बाद कर्नाटक में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मंत्री प्रियंक खड़गे पहले भी आरएसएस की गतिविधियों और संगठनात्मक स्वरूप को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
बीएल संतोष के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ने के संकेत हैं।
आरएसएस की भूमिका पर भाजपा का पक्ष
भाजपा नेताओं का कहना है कि आरएसएस लंबे समय से सामाजिक और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में काम कर रहा है। पार्टी नेताओं के अनुसार, संगठन ने शिक्षा, सेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में योगदान दिया है।
भाजपा नेताओं का तर्क है कि किसी संगठन के कार्यों का मूल्यांकन उसके सामाजिक योगदान के आधार पर किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति पर जोर
अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश की एकता, संस्कृति और विरासत को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
बीएल संतोष ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और सांस्कृतिक विरासत से है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की।
राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा बयान
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में आरएसएस को लेकर बीएल संतोष का बयान भाजपा के वैचारिक पक्ष को मजबूती देने वाला संदेश माना जा रहा है।
उन्होंने आरएसएस के इतिहास और योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन की भूमिका का बचाव किया और विपक्षी नेताओं के सवालों का जवाब देने की कोशिश की।
फिलहाल आरएसएस के रजिस्ट्रेशन को लेकर उठे सवाल पर राजनीतिक चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।





