
Karnataka कर्नाटक: बीजेपी सांसद रमेश जिगाजिनागी ने मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक दलित व्यक्ति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर इतनी चिंता क्यों होनी चाहिए।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रमेश जिगाजिनागी ने कहा, “जो लोग RSS के खिलाफ लड़े, वे टिक नहीं पाए। एक दलित व्यक्ति को RSS की परवाह क्यों करनी चाहिए?” उन्होंने आगे सवाल उठाया कि RSS को रजिस्टर कराने से किसी को क्या हासिल होगा, और यह गृह मंत्री का काम नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर चल रही बहस के बीच यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। सांसद ने कहा कि संगठन को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि सरकार के कामकाज पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।
इस दौरान उन्होंने प्रियांक खड़गे की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और तंज कसते हुए कहा कि उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके पिता के राजनीतिक अनुभव के कारण मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे में व्यक्तिगत क्षमता की कमी है और वे अपने पद का सही उपयोग नहीं कर रहे हैं।
रमेश जिगाजिनागी ने कहा, “उन्हें गृह मंत्रालय इसलिए मिला क्योंकि उनके पिता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दशकों तक कांग्रेस के लिए काम किया। उनमें खुद की कोई समझ नहीं है।”
उन्होंने यह भी सलाह दी कि प्रियांक खड़गे को संगठन के खिलाफ बयानबाजी से बचना चाहिए और अपने विभागीय दायित्वों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला अब सियासी बहस का नया मुद्दा बनता दिख रहा है।





