
x
Karnataka कर्नाटक। भाजपा सांसद बसवराज एस. बोम्मई ने यहाँ एक सार्वजनिक सभा/मीडिया संबोधन में कर्नाटक सरकार पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि राज्य में "घोषित न होने के बावजूद इमरजेंसी" जैसी स्थिति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि लोगों के मौलिक अधिकार पूरी तरह दबाए जा रहे हैं और सार्वजनिक रूप से स्वतंत्रता की आवाज़ उठाना कठिन होता जा रहा है। बोम्मई ने कहा, “लोग आज खुलकर बात नहीं कर पा रहे हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गहरा प्रहार हुआ है। सरकार के खिलाफ बोलोगे तो जेल भेज दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर पाबंदी बढ़ी है और अब केवल आरएसएस नहीं, बल्कि किसी भी संगठन को मैदानों में खुलकर सांस्कृतिक या खेलकूद कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही।
सांसद ने चेतावनी दी कि यह हालात अस्वीकार्य हैं और आने वाले दिनों में कर्नाटक की जनता उस सरकार के खिलाफ खड़ी होगी जो लोकतांत्रिक संस्थाओं और स्वतंत्रता को कुचल रही है। बोम्मई ने लोगों से सतर्क रहने और अपने अधिकारों के लिये आवाज़ उठाने का आह्वान किया। स्थानीय लोगों और विपक्षी नेता वर्ग ने बोम्मई के आरोपों पर मिलाजुला रिएक्शन दिया — कुछ ने उनके बयानों का समर्थन कर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने शांतिपूर्ण और संवैधानिक माध्यमों से ही मुद्दों को उठाने की सलाह दी। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आने की प्रतीक्षा है। विशेषकर चुनावी और राजनीतिक संवेदनशीलता वाले राज्यों में ऐसे आरोप भावनाओं को उभार सकते हैं; इसलिए पार्टी नेताओं और प्रशासन से कहा जा रहा है कि वे संवाद और परामर्श के जरिए मामलों को सुलझाएँ और कानून-व्यवस्था व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।
Tagsहावेरीकर्नाटकबसवराज बोम्मईBJP सांसदघोषणाबिहीन इमरजेंसीअभिव्यक्ति की स्वतंत्रताआरएसएससांस्कृतिक कार्यक्रमराजनीतिक आरोपनागरिक अधिकार।जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





