
बेंगलुरु। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ दिए गए कथित बयानों से जुड़े मानहानि मामले में कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे को जमानत मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक महेश तेंगिनाकाई ने कहा कि मंत्री को भले ही फिलहाल अदालत से राहत मिल गई है, लेकिन मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।
BJP विधायक ने कहा कि कानून की नजर में सभी लोग बराबर हैं और अदालत से जमानत मिलना केवल एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका यह मतलब नहीं है कि मामला खत्म हो गया है।
RSS के खिलाफ बयान को लेकर दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार, प्रियांक खड़गे के कुछ बयानों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। BJP की ओर से आरोप लगाया गया कि मंत्री ने RSS के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
इसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया और अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मामले में अदालत की प्रक्रिया के तहत प्रियांक खड़गे पेश हुए, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई।
BJP विधायक ने कहा- जवाबदेही तय होगी
मीडिया से बातचीत के दौरान महेश तेंगिनाकाई ने कहा कि BJP ने मंत्री को उनके बयानों के लिए जवाबदेह ठहराने के उद्देश्य से कानूनी रास्ता अपनाया है।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को अपने बयानों के लिए कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जमानत मिलना किसी भी मामले में सामान्य प्रक्रिया है और इससे यह साबित नहीं होता कि आरोप समाप्त हो गए हैं।
‘जमानत का मतलब मामला खत्म होना नहीं’
BJP विधायक ने कहा कि अदालत से जमानत मिलने के बाद भी आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं अपने निर्धारित तरीके से आगे बढ़ेंगी।
उनका कहना था कि अदालत में मामला अभी विचाराधीन है और अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आएगा।
कानून सभी के लिए बराबर: तेंगिनाकाई
महेश तेंगिनाकाई ने कहा कि कानून की नजर में कोई बड़ा या छोटा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि चाहे कोई मंत्री हो या आम नागरिक, सभी को कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि BJP ने अदालत में जाकर अपनी बात रखी है और आगे भी कानूनी रास्ते से ही लड़ाई जारी रखेगी।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
प्रियांक खड़गे को जमानत मिलने के बाद कर्नाटक की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी बढ़ गई है।
सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
BJP इस मामले को लेकर मंत्री पर निशाना साध रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।
आगे की सुनवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में अदालत की आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
जहां BJP का कहना है कि मंत्री को अपने बयानों के लिए जवाब देना होगा, वहीं जमानत मिलने के बाद प्रियांक खड़गे को फिलहाल राहत मिली है।
मामले का अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।





