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Mysore मैसूर। कर्नाटक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष Anil Thomas ने नीट (NEET) री-टेस्ट के दौरान टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मैसूर में मीडिया से बातचीत के दौरान अनिल थॉमस ने कहा कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के निर्देशों के तहत नीट परीक्षा को बेहतर तरीके से दोबारा आयोजित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या प्रश्नपत्र लीक जैसी आशंकाओं को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार द्वारा 22 जून तक टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान होने वाली छोटी से छोटी गड़बड़ी को भी रोका जा सके। भाजपा नेता के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
हालांकि, इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों और शिक्षा विशेषज्ञों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे परीक्षा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक नियंत्रण के रूप में देख रहे हैं। नीट परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र भाग लेते हैं। ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सरकार लगातार सतर्कता बरतने की बात कह रही है।
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