
Karnataka कर्नाटक: गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को बताया कि बिटकॉइन घोटाले की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) तेजी से काम कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।
परमेश्वर ने कहा कि यह मामला तकनीकी रूप से काफी जटिल है और इसी वजह से जांच में कुछ देरी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है, जिससे सबूत और जानकारी जुटाने में अधिक समय लग रहा है।
गृह मंत्री ने बताया कि SIT ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन जांच की है और अब अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा, “अधिकारियों के अनुसार जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट जल्द ही प्रस्तुत की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक टीम को काम जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। परमेश्वर के अनुसार, “जब तक सभी जरूरी तथ्य सामने नहीं आ जाते, तब तक जांच जारी रहेगी। चूंकि यह एक तकनीकी मामला है, इसलिए जानकारी जुटाने में समय लगना स्वाभाविक है।”
गृह मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस मामले में पहले ही अंतरिम चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और शुरुआती निष्कर्ष सामने आ सकें।
बिटकॉइन घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई और कांग्रेस विधायक एन. ए. हारिस के बेटों पर हुई छापेमारी को लेकर पूछे गए सवाल पर जी. परमेश्वर ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की “आंतरिक जानकारी” नहीं है।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और सरकार इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करती।
यह मामला कर्नाटक में लंबे समय से चर्चा में है और इसमें कई तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जांच की जा रही है। SIT और अन्य एजेंसियां डिजिटल ट्रांजैक्शन, विदेशी लिंक और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से जुड़े सबूतों की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद इस घोटाले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां अंतिम चरण में पहुंचकर सभी आवश्यक दस्तावेज और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही हैं।
कुल मिलाकर, गृह मंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि बिटकॉइन घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है और जल्द ही इसका परिणाम सार्वजनिक किया जा सकता है।





