कर्नाटक
कर्नाटक में भारत जोड़ो 2.0 का आगाज शिकारीपुरा से शुरू हुई कांग्रेस की पदयात्रा
Ratna Netam
30 Sept 2026 9:35 PM IST

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शिवमोग्गा। कर्नाटक के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री और शिवमोग्गा जिले के प्रभारी मंत्री मधु बंगारप्पा ने बुधवार को शिकारीपुरा में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा 2.0’ सभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिकारीपुरा से अब “राजनीतिक शिकार” शुरू हो गया है और आने वाले समय में यहां की जनता अपने वोट के जरिए यह तय करेगी कि उसका प्रतिनिधित्व कौन करेगा। यह बयान कांग्रेस के उस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत के दौरान आया, जिसे पार्टी उन 84 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी कर रही है जहां उसे 2023 के चुनाव में हार मिली थी।
मधु बंगारप्पा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिकारीपुरा के लोग भविष्य में बदलाव का फैसला खुद करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से जो भी व्यक्ति भविष्य में यहां का जनप्रतिनिधि बनेगा, उससे केवल राजनीतिक नेता के तौर पर नहीं बल्कि जनता के सेवक के तौर पर काम करने की अपेक्षा होगी। यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक दावा और चुनावी संदेश है।
कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो 2.0’ अभियान की शुरुआत शिकारीपुरा से की है। यह विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र का निर्वाचन क्षेत्र है और इससे पहले उनके पिता तथा पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा लंबे समय तक यहां से प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। कांग्रेस ने इस सीट से अभियान शुरू कर भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का संकेत दिया है।
यह कार्यक्रम राहुल गांधी की मूल ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के कर्नाटक में प्रवेश के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। राहुल गांधी की यात्रा 30 सितंबर 2022 को कर्नाटक के गुंडलुपेट पहुंची थी। कांग्रेस ने इसी तारीख को याद करते हुए 30 सितंबर 2026 को नए राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की।
KPCC की योजना के मुताबिक यह अभियान उन 84 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगा जहां कांग्रेस 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गई थी। पार्टी इसे लगभग 84 दिनों तक चलाने की योजना बना रही है और इसका दायरा 29 जिलों तक रहने की बात कही गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों, संगठन की स्थिति और लोगों की शिकायतों को उठाने की तैयारी है।
शिकारीपुरा में पदयात्रा के बाद एक बड़ी सभा भी आयोजित की गई। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक पदयात्रा का मार्ग करीब 10 किलोमीटर का था और इसे आसपास के कई इलाकों से होकर शिकारीपुरा शहर तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश नेताओं, स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मधु बंगारप्पा ने अपने भाषण में कांग्रेस और स्थानीय जनता के संयुक्त प्रयास से शिकारीपुरा में राजनीतिक बदलाव लाने की बात कही। उनका कहना था कि यह क्षेत्र किसी एक परिवार या राजनीतिक दल की स्थायी जागीर नहीं है और अंततः मतदाताओं का फैसला ही सबसे महत्वपूर्ण होगा। यह उनका राजनीतिक दृष्टिकोण है, जबकि भाजपा इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ और लंबे समय से मिले जनसमर्थन का हवाला देती रही है।
बंगारप्पा इससे पहले भी बी.वाई. विजयेंद्र को अगले विधानसभा चुनाव में हराने का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं। 28 सितंबर को कार्यक्रम की घोषणा करते समय उन्होंने कहा था कि कांग्रेस शिकारीपुरा में संगठन को मजबूत करेगी और अगले चुनाव में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को चुनौती देगी।
दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो 2.0’ अभियान पर सवाल उठाए हैं। बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस के शिकारीपुरा से अभियान शुरू करने के फैसले को राजनीतिक चुनौती के रूप में लिया और कहा कि वह इसका सामना करने के लिए तैयार हैं। भाजपा ने कांग्रेस के अभियान को राजनीतिक प्रचार बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार को पहले अपने शासन और चुनावी वादों पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने अभियान शुरू होने से पहले कहा था कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों से संवाद किया जाएगा और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया जाएगा। पार्टी सूखा, विकास और अन्य राजनीतिक मुद्दों को भी अभियान के दौरान सामने लाने की तैयारी में है।
शिकारीपुरा का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह लंबे समय से येदियुरप्पा परिवार का प्रमुख राजनीतिक आधार रहा है। बी.एस. येदियुरप्पा ने इस क्षेत्र से कई चुनाव जीते और बाद में उनके बेटे बी.वाई. विजयेंद्र यहां से विधायक बने। ऐसे में कांग्रेस द्वारा इसी क्षेत्र से राज्यव्यापी राजनीतिक अभियान शुरू करना रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मधु बंगारप्पा ने कहा कि कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर जनता से सीधे संवाद करना होगा और पार्टी कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव के समय नहीं बल्कि लगातार लोगों के बीच रहना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र की समस्याओं को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने की अपील की।
कांग्रेस के मुताबिक ‘भारत जोड़ो 2.0’ का उद्देश्य केवल पदयात्रा निकालना नहीं बल्कि उन क्षेत्रों में पार्टी संगठन को फिर से सक्रिय करना है जहां पिछली बार उसे चुनावी नुकसान हुआ था। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क, स्थानीय बैठकों और जनसभाओं के जरिए लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
राज्य में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हैं। कांग्रेस जहां अपनी हारी हुई 84 सीटों पर फोकस कर रही है, वहीं भाजपा भी अपने मजबूत क्षेत्रों को बनाए रखने और सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
शिकारीपुरा की बुधवार की सभा इसी राजनीतिक मुकाबले की शुरुआती तस्वीर पेश करती है। मधु बंगारप्पा ने जहां जनता के वोट से बदलाव लाने की बात कही, वहीं भाजपा ने कांग्रेस के अभियान को चुनौती देने का संकेत दिया है। आने वाले महीनों में ‘भारत जोड़ो 2.0’ के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचने के साथ कर्नाटक की राजनीति में यह अभियान प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है।
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