
बेंगलुरु। बैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (BESCOM) ने अपने बिलिंग सिस्टम में अस्थायी बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि जुलाई महीने से घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली के फिजिकल बिल घर-घर जाकर वितरित नहीं किए जाएंगे। इसके स्थान पर ग्राहकों को बिजली बिल की जानकारी SMS और ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी।
BESCOM ने बताया कि यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है। कंपनी के मीटर रीडर इन दिनों कर्नाटक सरकार की प्रमुख योजना ‘गृह ज्योति योजना’ के तहत उपभोक्ताओं की जानकारी के सत्यापन में व्यस्त हैं। इसी कारण नियमित मीटर रीडिंग और घर-घर जाकर बिल वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
कंपनी के अनुसार, जुलाई महीने के लिए ग्राहकों को वास्तविक मीटर रीडिंग के बजाय औसत खपत के आधार पर बिजली बिल जारी किए जाएंगे। इस बिल की राशि पिछले तीन महीनों में उपभोक्ता द्वारा की गई औसत बिजली खपत के आधार पर तय की जाएगी।
औसत खपत के आधार पर तैयार होंगे बिल
BESCOM ने स्पष्ट किया है कि जुलाई के बिल में उपभोक्ताओं को उनकी पिछले तीन महीनों की बिजली खपत के औसत के अनुसार राशि भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य बिलिंग प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है, ताकि मीटर रीडिंग में देरी के कारण ग्राहकों को परेशानी न हो।
कंपनी ने कहा है कि यह व्यवस्था केवल कुछ समय के लिए लागू की गई है। जैसे ही मीटर रीडरों का नियमित कार्य दोबारा शुरू होगा, बिजली मीटर की वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल तैयार किए जाएंगे।
यदि औसत बिल और वास्तविक खपत के बीच अंतर पाया जाता है, तो अगले बिलिंग चक्र में उसका समायोजन कर दिया जाएगा। यानी अगर ग्राहक से अधिक राशि जमा हो जाती है तो उसे आगे के बिल में घटाया जाएगा, वहीं कम भुगतान की स्थिति में अंतर राशि अगले बिल में जोड़ी जा सकती है।
गृह ज्योति योजना के सत्यापन में लगे मीटर रीडर
BESCOM ने बताया कि मीटर रीडरों को फिलहाल बिजली मीटर की जांच के बजाय गृह ज्योति योजना से जुड़े उपभोक्ताओं के विवरण की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। कर्नाटक सरकार की यह योजना पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा में राहत प्रदान की जाती है।
योजना के सही क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ताओं की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए मीटर रीडर घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं।
कंपनी का कहना है कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मीटर रीडिंग की सामान्य व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जाएगी।
डिजिटल माध्यमों से मिलेगी बिल की जानकारी
BESCOM ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली बिल से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। कंपनी ने कहा कि SMS और ईमेल के जरिए भेजे जाने वाले बिल से ग्राहकों को समय पर जानकारी मिल जाएगी और वे ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे।
कंपनी डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है। ऑनलाइन बिल भुगतान, मोबाइल संदेश और ईमेल अलर्ट जैसी सुविधाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्राहकों को रखना होगा मोबाइल नंबर अपडेट
BESCOM ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अपने मोबाइल नंबर और ईमेल विवरण कंपनी के रिकॉर्ड में अपडेट रखें, ताकि बिजली बिल और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें।
कंपनी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से बिल भेजने की प्रक्रिया सुरक्षित और आसान है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कागज के उपयोग में भी कमी आएगी।
उपभोक्ताओं में बिल की सटीकता को लेकर चिंता
BESCOM के इस फैसले के बाद कुछ उपभोक्ताओं के बीच बिल की राशि को लेकर सवाल भी उठ सकते हैं। कई ग्राहकों को आशंका है कि औसत खपत के आधार पर तैयार किया गया बिल उनकी वास्तविक बिजली खपत से अलग हो सकता है।
हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि औसत बिलिंग केवल अस्थायी उपाय है और बाद में वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर पूरी राशि का समायोजन किया जाएगा। BESCOM ने ग्राहकों से अपील की है कि वे इस अस्थायी व्यवस्था में सहयोग करें।
बिलिंग व्यवस्था में बदलाव का उद्देश्य
BESCOM का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य बिजली बिलिंग प्रक्रिया को बाधित होने से बचाना है। मीटर रीडरों को सरकारी योजना के सत्यापन कार्य में लगाए जाने के कारण कंपनी ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई है।
बिजली वितरण कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और किसी भी ग्राहक को गलत बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। वास्तविक मीटर रीडिंग शुरू होने के बाद सभी बिलों को सही तरीके से अपडेट कर दिया जाएगा।
फिलहाल जुलाई महीने में बेंगलुरु और आसपास के BESCOM उपभोक्ताओं को बिजली बिल की जानकारी SMS और ईमेल के जरिए मिलेगी। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर बिल की जांच करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करें।





