कर्नाटक

Bengaluru: संविधान और सामाजिक न्याय पर सिद्धारमैया का जोर

Admindelhi1
26 Jan 2026 6:12 PM IST
Bengaluru: संविधान और सामाजिक न्याय पर सिद्धारमैया का जोर
x

बेंगलुरु: देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और संविधान के महत्व तथा लोकतंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के साथ-साथ स्वतंत्रता और समान अवसर सुनिश्चित करता है। उन्होंने आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने को संविधान की मूल भावना बताया।

सिद्धारमैया ने उल्लेख किया कि लगभग 800 वर्ष पहले कर्नाटक में बसवन्ना के नेतृत्व में शरण आंदोलन से लोकतंत्र के बीज अंकुरित हुए। उन्होंने बताया कि कूडल संगम का अनुभव आज के लोकतांत्रिक मॉडल के लिए आदर्श है, जहां समाज के कमजोर वर्गों को भी समान अवसर प्राप्त होता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीम राव आंबेडकर ने असमानता पर आधारित व्यवस्था को अस्वीकार करते हुए समानता और मानव गरिमा पर आधारित संविधान देश को दिया। उनका कहना था कि संविधान केवल राजनीतिक लोकतंत्र नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना भी सुनिश्चित करता है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गरीबी, बीमारी, अशिक्षा और कुपोषण दूर करने के लिए गारंटी योजनाएं लागू की हैं। इनमें अन्नभाग्य, गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, शक्ति और युवा निधि योजनाओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा गारंटी, महिलाओं का सशक्तिकरण और बेरोजगार युवाओं को सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं से गरीब परिवार प्रति माह 5-6 हजार रुपये और सालाना 60-70 हजार रुपये बचा पा रहे हैं, जबकि मध्यम वर्गीय परिवारों को सालाना 25-30 हजार रुपये की बचत हो रही है।

सिद्धारमैया ने नागरिकों से संविधान की रक्षा की शपथ लेने का आह्वान किया और कहा, “यदि हम संविधान की रक्षा करेंगे, तो संविधान हमारी रक्षा करेगा।” उन्होंने कहा कि समान समाज और सभी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और जनता के सहयोग की आवश्यकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर राज्यवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

Next Story