
Karnataka कर्नाटक : राज्य में लंबित ई-चालान ट्रैफिक फाइन की भारी राशि को देखते हुए बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस (BTP) ने विशेष अभियान शुरू किया है। पूरे राज्य में ट्रैफिक फाइन का बकाया 2,800 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है, जिसके बाद सरकार की 50 प्रतिशत छूट योजना को प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
राज्य सरकार ने 21 जून से 10 जुलाई तक लंबित ट्रैफिक चालानों पर सिर्फ 50 प्रतिशत राशि जमा करने की छूट देने का निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य लंबे समय से पेंडिंग पड़े चालानों की वसूली को तेज करना और नागरिकों को राहत देना है।
इसी क्रम में बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने शहर के व्यस्त और अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में विशेष काउंटर स्थापित करने की योजना बनाई है, जहां लोग आसानी से अपने पेंडिंग चालान का भुगतान कर सकेंगे। इन काउंटरों पर नागरिकों को भुगतान प्रक्रिया में सहायता भी दी जाएगी, ताकि योजना का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
राज्य सरकार द्वारा 4 जून को जारी आदेश के अनुसार, 2025 में कई अभियान चलाए जाने के बावजूद हजारों मामलों में ट्रैफिक फाइन अभी भी लंबित हैं। कर्नाटक स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 2,827 करोड़ रुपये की राशि अब भी वसूली के लिए बाकी है।
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ई-चालान लंबे समय से अनपेड पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों और यातायात प्रबंधन पर भी असर पड़ रहा है। इसी कारण इस विशेष छूट योजना को लागू किया गया है, ताकि लोग एक निश्चित अवधि में अपने बकाया भुगतान कर सकें।
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि इस अभियान के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे। सोशल मीडिया, सड़क सुरक्षा अभियानों और स्थानीय स्तर पर सूचनाओं के माध्यम से लोगों को छूट योजना की जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस 50 प्रतिशत छूट योजना से बड़ी मात्रा में लंबित चालान वसूले जा सकेंगे और राज्य सरकार को राजस्व में भी सुधार मिलेगा। साथ ही, इससे ट्रैफिक नियमों के पालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
ट्रैफिक विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पेंडिंग ई-चालान का भुगतान करें और इस अवसर का लाभ उठाएं, ताकि आगे किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।





