
बेंगलुरु : राइड-हेलिंग ऐप्स के जरिए ऑटो और कैब बुक करने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच पुलिस ने सुरक्षा को लेकर एक अहम चेतावनी जारी की है। शहर के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि अगर ऐप पर दिखाई गई गाड़ी का नंबर और मौके पर पहुंची गाड़ी का नंबर अलग हो, तो उसमें यात्रा न करें।
पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उन्हें ऐसी गाड़ी में नहीं बैठना चाहिए, जिसकी जानकारी ऐप पर उपलब्ध विवरण से मेल नहीं खाती हो। उन्होंने यात्रियों से ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील भी की है, ताकि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस के अनुसार, हाल के समय में ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनमें यात्रियों ने बताया कि बुकिंग के समय ऐप पर एक वाहन नंबर दिखाया गया, लेकिन उन्हें लेने के लिए कोई दूसरी गाड़ी पहुंची। कुछ मामलों में ड्राइवर का नाम या वाहन की जानकारी भी ऐप में दर्ज विवरण से अलग पाई गई।
पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने यात्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि Uber, Ola, Rapido, Namma Yatra जैसे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। यदि ऐप पर दिखाया गया वाहन नंबर, ड्राइवर का नाम या अन्य विवरण मौके पर मौजूद वाहन से मेल नहीं खाता है, तो यात्री किसी भी बहाने से उस वाहन में न बैठें।
उन्होंने कहा कि कई बार यात्री जल्दबाजी या किसी मजबूरी के कारण ऐसी गाड़ियों में बैठ जाते हैं, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए बुकिंग के बाद वाहन की पहचान और ड्राइवर की जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर शहर में काम कर रहे राइड-एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। पुलिस कंपनियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिले।
उन्होंने कहा कि यदि कोई यात्री वाहन नंबर में अंतर या किसी अन्य सुरक्षा संबंधी समस्या की शिकायत करता है, तो पुलिस उस मामले को दर्ज कर जांच कर सकती है। यात्रियों की ओर से समय पर सूचना मिलने से ऐसे मामलों में कार्रवाई करना आसान हो जाता है।
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में कैब और ऑटो सेवाएं लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और अन्य यात्रियों के बीच राइड-हेलिंग ऐप्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में वाहन और चालक की सही पहचान सुनिश्चित करना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग के दौरान उपलब्ध जानकारी यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होती है। यदि वाहन की पहचान में अंतर होता है तो इससे यात्रियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए यात्रियों को हमेशा ऐप में दी गई जानकारी का मिलान करना चाहिए।
पुलिस ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि यात्रा शुरू करने से पहले वाहन नंबर, ड्राइवर की पहचान और यात्रा विवरण की जांच कर लें। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर ऐप में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सहायता लें।
राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि यात्रियों का भरोसा इन सेवाओं की सफलता के लिए जरूरी है। पुलिस की चेतावनी के बाद कंपनियों से भी उम्मीद की जा रही है कि वे वाहन सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी।
फिलहाल बेंगलुरु पुलिस ने यात्रियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि छोटी सी सावधानी बड़े खतरे से बचा सकती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।





