
बेंगलुरु : राजधानी बेंगलुरु के तेजी से बढ़ते भौगोलिक विस्तार और लगातार बढ़ रही आबादी को देखते हुए राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बेंगलुरु पुलिस विभाग के पुनर्गठन का एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु पुलिस विभाग को प्रशासनिक सुविधा और बेहतर कानून व्यवस्था के उद्देश्य से दो अलग-अलग कमिश्नरेट में बांटने के प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर चर्चा हुई है। प्रस्ताव के तहत शहर को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है। इसमें पूर्वी क्षेत्र में आईटी कॉरिडोर और उससे जुड़े प्रमुख इलाकों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
वर्तमान में बेंगलुरु पुलिस का क्षेत्रफल 1,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक है। शहर के तेजी से विस्तार, नई आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और आईटी हब के विकास के कारण पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर पुलिसिंग को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रस्तावित पुनर्गठन योजना में दो प्रमुख बातों को प्राथमिकता दी जा रही है। पहली प्राथमिकता भौगोलिक रूप से जुड़े क्षेत्रों को एक प्रशासनिक इकाई में शामिल करना है। इससे पुलिस अधिकारियों के लिए क्षेत्र की निगरानी और कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान हो सकेगा। दूसरी प्राथमिकता प्रत्येक यूनिट को पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी, आधुनिक संसाधन और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
बेंगलुरु देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले महानगरों में शामिल है। शहर में आईटी कंपनियों, स्टार्टअप, औद्योगिक इकाइयों और बड़ी संख्या में बाहरी आबादी के आने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे मुद्दों पर पुलिस को लगातार काम करना पड़ता है।
सरकार का मानना है कि पुलिस प्रशासन के विकेंद्रीकरण से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। अलग-अलग कमिश्नरेट बनने से वरिष्ठ अधिकारियों पर काम का बोझ कम होगा और वे अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, नए ढांचे में सीमाओं का निर्धारण करते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि एक ही तरह की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों वाले इलाकों को एक साथ रखा जाए। इससे पुलिसिंग रणनीति तैयार करने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलेगी।
पूर्वी बेंगलुरु को आईटी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियां, तकनीकी संस्थान और व्यावसायिक केंद्र मौजूद हैं। वहीं पश्चिमी बेंगलुरु में पुराने आवासीय क्षेत्र, औद्योगिक इलाके और तेजी से विकसित हो रहे नए क्षेत्र शामिल हैं। दोनों क्षेत्रों की जरूरतें अलग-अलग होने के कारण अलग प्रशासनिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि, नए कमिश्नरेट बनाने का अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। प्रस्ताव पर विभिन्न विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चर्चा जारी है। सरकार इस बात का आकलन कर रही है कि पुनर्गठन के लिए कितने अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होगी और इसका प्रभावी क्रियान्वयन किस तरह किया जा सकता है।
पुलिस व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि बड़े महानगरों में बढ़ती आबादी और अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए प्रशासनिक ढांचे में समय-समय पर बदलाव जरूरी होता है। छोटे और बेहतर प्रबंधित पुलिस क्षेत्रों से अपराध नियंत्रण और नागरिक सेवाओं में सुधार की संभावना बढ़ती है।
बेंगलुरु में पहले से ही ट्रैफिक पुलिस, साइबर अपराध शाखा और अन्य विशेष इकाइयां काम कर रही हैं। नए प्रस्तावित ढांचे में इन सेवाओं के बेहतर समन्वय पर भी ध्यान दिए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार का उद्देश्य शहर की सुरक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बेंगलुरु पुलिस के कामकाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सरकार और पुलिस विभाग प्रस्तावित पुनर्गठन योजना के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले समय में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। शहर के विस्तार और बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस व्यवस्था में यह बदलाव एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





