
बेंगलुरु। सार्वजनिक स्थानों पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से परेशान करने, जबरन पैसे मांगने, यातायात में बाधा डालने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों के बाद बेंगलुरु सिटी पुलिस ने ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि किसी व्यक्ति की पहचान के बजाय शिकायत में बताए गए व्यवहार और कथित गैर-कानूनी गतिविधि के आधार पर जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
गाइडलाइंस में जबरन पैसे या भीख मांगने, यात्रियों और आम लोगों की आवाजाही में बाधा डालने, धमकी देने, बदसलूकी करने, मारपीट और परेशान करने जैसी शिकायतों पर ध्यान देने को कहा गया है। शिकायत मिलने पर पुलिस को मामले की परिस्थितियों की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का विशेष ध्यान ट्रैफिक सिग्नल, संवेदनशील इलाकों और कार्यक्रम या समारोह आयोजित होने वाली जगहों पर रहेगा। इन स्थानों पर लोगों को रोकने, उनकी आवाजाही बाधित करने या जबरन पैसे मांगने जैसी शिकायत मिलने पर पुलिस स्थिति के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में ट्रैफिक सिग्नल पर बड़ी संख्या में वाहन रुकते हैं। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों और यात्रियों से जबरन पैसे मांगने या उन्हें परेशान करने की शिकायतें कानून-व्यवस्था और यातायात दोनों के लिए समस्या बन सकती हैं। इसी को देखते हुए गाइडलाइंस में ट्रैफिक सिग्नल को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि यात्रियों और वाहन चालकों की आवाजाही में रुकावट डालने से जुड़ी शिकायतों की जांच की जाए। यदि किसी व्यक्ति को जबरन रोका जाता है, पैसे देने के लिए दबाव बनाया जाता है या धमकी दी जाती है तो परिस्थितियों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
गाइडलाइंस में बदसलूकी, मारपीट और उत्पीड़न की शिकायतों को भी गंभीरता से लेने की बात कही गई है। किसी शिकायत में आपराधिक गतिविधि के तथ्य सामने आने पर पुलिस को लागू कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सार्वजनिक कार्यक्रमों और समारोहों वाली जगहों को भी निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और भीड़ अधिक रहती है। यदि वहां किसी व्यक्ति से जबरन पैसे मांगने या परेशान करने की शिकायत मिलती है तो पुलिस को तत्काल स्थिति पर ध्यान देने को कहा गया है।
नई गाइडलाइंस का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। इसके तहत पुलिस को शिकायतों की जांच करते समय घटना की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी होगी।
पुलिस के लिए यह भी जरूरी होगा कि किसी पूरे समुदाय को संदिग्ध मानने के बजाय केवल उस व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिनके संबंध में किसी गैर-कानूनी गतिविधि की शिकायत या साक्ष्य सामने आए हों। ट्रांसजेंडर होना अपने आप में किसी कार्रवाई का आधार नहीं हो सकता।
गाइडलाइंस का केंद्र जबरन वसूली, धमकी, मारपीट, उत्पीड़न और यातायात में बाधा जैसी गतिविधियां हैं। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान से अलग इन गतिविधियों को कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने की आवश्यकता होगी।
शहर में कई स्थान ऐसे हैं जहां दिनभर लोगों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ट्रैफिक सिग्नल, बाजार, प्रमुख चौराहे और आयोजन स्थल इनमें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में किसी भी तरह की बाधा यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
विशेष रूप से ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन चालकों को रोककर पैसे देने के लिए दबाव बनाने की शिकायतों पर पुलिस को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इस दौरान वाहन की आवाजाही बाधित होती है या किसी चालक अथवा यात्री को धमकी दी जाती है तो पुलिस संबंधित शिकायत की जांच करेगी।
इसी तरह सार्वजनिक जगहों पर लोगों के साथ बदसलूकी या मारपीट की शिकायत आने पर भी सामान्य कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को शिकायतकर्ता से जानकारी लेने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की प्रकृति तय करने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने का उद्देश्य किसी अप्रिय घटना को रोकना और शिकायत मिलने पर समय रहते कार्रवाई करना है। कार्यक्रमों और समारोहों के दौरान भीड़ को देखते हुए ऐसे स्थानों पर पुलिस की सतर्कता महत्वपूर्ण रहेगी।
गाइडलाइंस के बाद स्थानीय पुलिस इकाइयों के सामने सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाली शिकायतों का समय पर निस्तारण करने की जिम्मेदारी बढ़ेगी। किसी भी शिकायत में जबरन धन लेने, रास्ता रोकने, धमकाने या हिंसा का आरोप होने पर उसकी जांच की जाएगी।
इस दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कानूनी कार्रवाई संतुलित और तथ्यों पर आधारित हो। किसी समुदाय के सभी सदस्यों को कुछ व्यक्तियों के कथित व्यवहार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कार्रवाई केवल शिकायत और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों तक सीमित रहनी चाहिए।
बेंगलुरु सिटी पुलिस की इन गाइडलाइंस में आम लोगों को परेशानी पहुंचाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया है। ट्रैफिक सिग्नल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जबरन पैसे मांगने और स्वेच्छा से आर्थिक सहायता देने के बीच अंतर भी महत्वपूर्ण है। गाइडलाइंस का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान के आधार पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि दबाव, धमकी, उत्पीड़न, मारपीट या सार्वजनिक आवाजाही में बाधा जैसी कथित गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकना है।
पुलिस को शिकायत मिलने पर परिस्थितियों का आकलन कर उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ट्रैफिक सिग्नल, संवेदनशील इलाकों और कार्यक्रम स्थलों पर आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल बेंगलुरु सिटी पुलिस की नई गाइडलाइंस के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक स्थानों पर जबरन पैसे मांगने, लोगों की आवाजाही रोकने, धमकी देने, बदसलूकी, मारपीट और उत्पीड़न जैसी शिकायतों पर जांच कर परिस्थितियों के अनुसार कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।





