
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क में हाल ही में हुई लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और सेवा बाधित होने की घटनाओं के बाद मामला गंभीर हो गया है। यात्रियों में बढ़ती नाराजगी को देखते हुए सेंट्रल चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया है और विस्तृत जांच के निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों ने बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) को निर्देश दिया है कि वह सभी तकनीकी खराबियों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इसके साथ ही पिछले ढाई साल के दौरान हुई सभी तकनीकी खामियों का पूरा रिकॉर्ड और विस्तृत विश्लेषण भी जल्द से जल्द जमा करने को कहा गया है।
यह कदम तब उठाया गया जब बेंगलुरु साउथ से सांसद तेजस्वी सूर्या ने यात्रियों की ओर से एक पत्र लिखकर मेट्रो सेवाओं में लगातार आ रही समस्याओं की आधिकारिक जांच की मांग की। उन्होंने 25 जून को रेलवे सेफ्टी कमिश्नर को पत्र भेजकर 23 जून को नम्मा मेट्रो की पर्पल लाइन पर हुई तकनीकी गड़बड़ी और सेवा बाधित होने की घटना का उल्लेख किया था।
पत्र में सांसद ने इस बात पर चिंता जताई थी कि लगातार हो रही तकनीकी दिक्कतें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
रेलवे सेफ्टी कमिश्नर द्वारा जारी निर्देशों के बाद अब BMRCL को सभी संबंधित तकनीकी रिकॉर्ड, मेंटेनेंस डेटा और पिछले घटनाक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे मेट्रो संचालन में सुधार और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
बेंगलुरु मेट्रो शहर की लाइफलाइन मानी जाती है और रोजाना लाखों यात्री इसका उपयोग करते हैं। ऐसे में लगातार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी इन घटनाओं को लेकर नाराजगी जताई है।
अब जांच के आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि मेट्रो संचालन प्रणाली में मौजूद खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में सेवा बाधित न हो।





