
Karnataka कर्नाटक: Bengaluru में इस साल आम और कटहल प्रेमियों के लिए खास आयोजन होने जा रहा है। शहर के कब्बन पार्क और लालबाग में पहली बार दो अलग-अलग आम और कटहल मेले लगाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
कर्नाटक स्टेट मैंगो डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (Karnataka State Mango Development and Marketing Corporation) की ओर से कब्बन पार्क में “मैंगो-जलसू” मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला 8 मई से 17 मई तक चलेगा। वहीं, कुछ अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन 18 मई तक भी जारी रह सकता है, जिसमें अंतिम तारीख को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर T R Vemamurthy (टी.आर. वेदमूर्ति) ने जानकारी दी कि इस मेले का उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर कीमत मिल सके और बिचौलियों पर निर्भरता कम हो। उन्होंने बताया कि यह मेला धारवाड़, मांड्या, मैसूर और दक्षिण कर्नाटक के किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा।
मेले में 70 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां किसान सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। इन स्टॉल्स पर कार्बाइड-फ्री और ऑर्गेनिक आम के साथ-साथ ताजा कटहल भी उपलब्ध रहेगा। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित और प्राकृतिक फलों को बढ़ावा देना है।
आयोजकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से किसानों को आम और कटहल की उचित कीमत नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनकी आय प्रभावित हो रही थी। इसी समस्या को देखते हुए इस तरह के मेले की शुरुआत की गई है, ताकि किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़कर उन्हें बेहतर लाभ दिलाया जा सके।
कब्बन पार्क में लगने वाला यह मेला स्थानीय लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, जहां लोग विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद ले सकेंगे और ताजे, प्राकृतिक उत्पाद सीधे किसानों से खरीद सकेंगे।
इसके अलावा, लालबाग में भी इसी तरह का आयोजन किया जाएगा, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को यह सुविधा मिल सके। आयोजकों को उम्मीद है कि इन मेलों के जरिए न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ऑर्गेनिक और सुरक्षित फलों की मांग भी बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, बेंगलुरु में आयोजित यह आम और कटहल मेला किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संबंध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो स्थानीय कृषि बाजार को नई दिशा दे सकता है।





