कर्नाटक

Bengaluru : लोकायुक्त जांच में GBA और BBMP अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार

Kavita2
23 May 2026 10:29 AM IST
Bengaluru : लोकायुक्त जांच में GBA और BBMP अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार
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Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में 29 अप्रैल को हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें बॉरिंग अस्पताल परिसर की दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी, को लेकर लोकायुक्त जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में ग्रेटर बैंगलोर अथॉरिटी (GBA) और उस समय के बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) अधिकारियों की गंभीर लापरवाही को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

लोकायुक्त की जांच टीम, जिसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी ने किया, ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट लोकायुक्त न्यायमूर्ति बी.एस. पाटिल को सौंपी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि समय रहते फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया होता और दीवार की जर्जर स्थिति की मरम्मत की गई होती, तो यह दुखद दुर्घटना टाली जा सकती थी।

रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई न करने और बुनियादी ढांचे के रखरखाव में लापरवाही बरतने के कारण यह हादसा हुआ। दीवार लंबे समय से क्षतिग्रस्त थी, लेकिन इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी तरह, फुटपाथ पर हुए अवैध कब्जों को हटाने में भी प्रशासनिक देरी हुई, जिससे स्थिति और गंभीर होती गई।

यह रिपोर्ट गुरुवार को लोकायुक्त की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत की गई, जिसमें राज्य सरकार की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और जिम्मेदारी तय करने पर भी विचार किया गया।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहरी प्रशासनिक निकायों के बीच समन्वय की कमी और नियमित निगरानी न होने के कारण बुनियादी ढांचे की स्थिति बिगड़ती गई। यदि समय रहते निरीक्षण और मरम्मत कार्य किए जाते, तो इस प्रकार की जानलेवा दुर्घटना को रोका जा सकता था।

इस हादसे के बाद शहर में नागरिक सुरक्षा और शहरी ढांचे की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

लोकायुक्त रिपोर्ट को अब आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। संभावना है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की जा सकती है।

यह घटना एक बार फिर शहरी प्रशासन में जवाबदेही, नियमित रखरखाव और सार्वजनिक सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए नगर निकायों को अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।

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