
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाने के लिए एक विस्तृत 15-सूत्रीय एजेंडा पेश किया है। उन्होंने यह प्रस्ताव बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा को 22 जून को लिखे गए पत्र के माध्यम से भेजा, जिसमें शहर की मौजूदा समस्याओं और उनके समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।
अपने पत्र में तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में स्थानीय निकायों के चुनाव न होने और बिना समुचित योजना के शुरू किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण शहर में कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। उनके अनुसार, इन कारणों से शहर के प्रशासनिक ढांचे में कई खामियां सामने आई हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है।
सांसद ने अपने 15-सूत्रीय एजेंडा में सबसे महत्वपूर्ण सुझावों में से एक एकीकृत जवाबदेही प्लेटफॉर्म बनाने का दिया है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म आम जनता के लिए आसान और सुलभ होना चाहिए और इसे 60 दिनों के भीतर तैयार किया जाना चाहिए, ताकि नागरिक सीधे तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों की निगरानी कर सकें और शिकायत दर्ज कर सकें।
तेजस्वी सूर्या ने यह भी उल्लेख किया कि बेंगलुरु में वर्तमान में 12 से अधिक एजेंसियां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के काम में शामिल हैं, जिनमें BMRCL, BDA, BMLTA और KRIDL जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं। उनके अनुसार, इन विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई परियोजनाओं में देरी और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि बेंगलुरु महानगर लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (BMLTA) के लिए एक चेयरमैन की नियुक्ति की जाए और इसे शहर की सभी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित किया जाए। उनका मानना है कि इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
पत्र में उन्होंने बेंगलुरु में मेट्रो विस्तार, सड़कों की मरम्मत, गड्ढों की समस्या और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्गों के निर्माण जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा कि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं होने के कारण शहर के नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सूर्या ने यह भी कहा कि बेंगलुरु जैसे तेजी से विकसित हो रहे महानगर में मजबूत और एकीकृत प्रशासनिक व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि विकास परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट संरचना बनाई जानी चाहिए।
राजनीतिक हलकों में इस पत्र को शहर के प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता है तो बेंगलुरु की इंफ्रास्ट्रक्चर समस्याओं में काफी हद तक सुधार संभव है।
फिलहाल इस पत्र पर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पर चर्चा की जा सकती है।
कुल मिलाकर, तेजस्वी सूर्या का यह 15-सूत्रीय एजेंडा बेंगलुरु के शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिससे शहर की मौजूदा समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।





