कर्नाटक

Bengaluru कोर्ट का बड़ा फैसला: युगांडा की नागरिक को ओवरस्टे के मामले में जेल और जुर्माना

Kavita2
12 May 2026 2:11 PM IST
Bengaluru कोर्ट का बड़ा फैसला: युगांडा की नागरिक को ओवरस्टे के मामले में जेल और जुर्माना
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Karnataka कर्नाटक: शहर की एक अदालत ने युगांडा की नागरिक नाबुकेनी बेट्टी नसीमिया (31) को भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक अवैध रूप से रहने के मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने उसे दो साल, दो महीने और 15 दिन की साधारण कारावास की सजा के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामले के अनुसार, आरोपी के दस्तावेजों की जांच के दौरान यह पाया गया कि उसका पासपोर्ट और वीजा दोनों 30 मई 2024 को समाप्त हो चुके थे। इसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि वीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी वह बेंगलुरु में रुकी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह तय अवधि से अधिक समय तक देश में अवैध रूप से मौजूद थी।

कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी की भारत में प्रवेश की तारीख और उसके वीजा की अवधि का मिलान करने पर यह स्पष्ट हुआ कि वह निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रही थी। इसी आधार पर उस पर विदेशी नागरिक अधिनियम (Foreigners Act) की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

एडिशनल सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट के जज ई. राजीव गौड़ा ने मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी साक्ष्य, जिन्हें आरोपी के वकील की सहमति से रिकॉर्ड पर लिया गया था, यह साबित करते हैं कि आरोपी वीजा में निर्धारित समय सीमा से अधिक समय तक भारत में रही।

अदालत ने यह भी माना कि दस्तावेजों के आधार पर यह तथ्य स्पष्ट है कि आरोपी की स्थिति अवैध प्रवास की श्रेणी में आती है, जिसके लिए कानून के तहत सजा निर्धारित है।

इस फैसले के बाद कोर्ट ने आरोपी को साधारण कारावास की सजा सुनाई और साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया। मामले में न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिकों को भारत में रहने के लिए निर्धारित नियमों और वीजा शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।

इस घटना ने विदेशी नागरिकों के वीजा और आव्रजन नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर चर्चा को जन्म दिया है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस तरह के मामलों में निगरानी और सख्ती की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, बेंगलुरु की अदालत का यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि भारत में विदेशी नागरिकों के लिए बनाए गए आव्रजन नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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