
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु के उत्तरी हिस्से देवनहल्ली में एक निजी कंपनी की कैंटीन में खाना खाने के बाद 97 कर्मचारी बीमार पड़ गए, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। सभी कर्मचारियों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों ने किसी भी तरह के जानलेवा खतरे से इनकार किया है।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने कंपनी की कैंटीन में इडली, वड़ा, सांभर और चावल खाया था। नाश्ते और दोपहर के भोजन के कुछ समय बाद ही कई कर्मचारियों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइज़निंग जैसे लक्षण महसूस होने लगे। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों को नजदीकी दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार के तौर पर आईवी फ्लूइड दिए गए हैं, जिससे उनकी हालत स्थिर हो रही है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है और स्थिति नियंत्रण में है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंटीन का निरीक्षण किया और वहां बचे हुए खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि फूड पॉइज़निंग की असली वजह क्या थी।
स्थानीय प्रशासन ने कैंटीन संचालन से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि भोजन के रख-रखाव या स्वच्छता में लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हो सकती है।
इसी बीच, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि फर्मेंटेड फूड्स जैसे इडली और वड़ा, अगर सही तरीके से स्टोर या तैयार न किए जाएं तो गर्म मौसम में जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फूड पॉइज़निंग का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
प्रशासन ने कंपनी को निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक कैंटीन की खाद्य सेवा पर निगरानी कड़ी रखी जाए।





